पटना: पटना हाईकोर्ट ने 70वीं बीपीएससी (Bihar Public Service Commission) सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के पुनः आयोजन की मांग करने वाले परीक्षार्थियों को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने इस संबंध में दायर की गई याचिकाओं को शुक्रवार को खारिज करते हुए राज्य सरकार और बीपीएससी को बड़ी राहत दी।
परीक्षार्थियों की उम्मीदें टूटीं
पप्पू कुमार और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए एक्टिंग चीफ जस्टिस आशुतोष कुमार की खंडपीठ ने 70वीं बीपीएससी सिविल प्रारंभिक परीक्षा के पुनः आयोजन को लेकर दायर जनहित याचिका सहित अन्य याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रखा था। आज कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाते हुए इन याचिकाओं को खारिज कर दिया। यह फैसला उन परीक्षार्थियों के लिए एक बड़ा झटका है जिन्होंने परीक्षा रद्द कर पुनः परीक्षा कराने की मांग की थी।
फैसले को चुनौती देंगे गुरु रहमान
फैसले के बाद शिक्षा जगत के मशहूर व्यक्तित्व गुरु रहमान ने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय (SC) का रुख करेंगे। गुरु रहमान ने कहा, “हम लोग किसी भी हालत में पीछे नहीं हटेंगे। दरवाजे अभी खुले हुए हैं, हम इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।”
राजनीतिक मुद्दा बना छात्रों का आंदोलन
बीपीएससी परीक्षार्थियों का आंदोलन अब राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। आंदोलन में बिहार के प्रमुख राजनीतिक दलों ने भी समर्थन दिया था। नेता तेजस्वी यादव, पप्पू यादव और प्रशांत किशोर छात्रों के समर्थन में खड़े थे। इसके अलावा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों जैसे खान सर और गुरु रहमान भी छात्रों के साथ नजर आए थे।
बीपीएससी ने रिजल्ट किया था जारी
छात्रों के आंदोलन और हंगामे के बावजूद बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने परीक्षा का परिणाम प्रकाशित कर दिया था। इसके बाद पुलिस को कई बार बल प्रयोग करना पड़ा था ताकि स्थिति को काबू किया जा सके। सड़क से लेकर विधानसभा तक इस मुद्दे पर हंगामा हुआ था, लेकिन आयोग ने परिणाम जारी किया।
पूरा मामला क्या था?
यह मामला 13 दिसंबर 2024 को उस समय सामने आया जब बीपीएससी की 70वीं सिविल प्रारंभिक परीक्षा अपने तय समय पर हो रही थी। पटना के बापू परीक्षा परिसर में कुछ समस्याएं आईं, जिसके कारण अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र मिलने में देरी हुई। इसके चलते केंद्र पर हंगामा हुआ। इस केंद्र पर लगभग 12,000 छात्रों ने परीक्षा दी थी।
क्या थी परीक्षार्थियों की मांग
हंगामे के बाद बीपीएससी ने बापू परीक्षा परिसर के छात्रों के लिए 4 जनवरी 2025 को फिर से परीक्षा कराने का फैसला किया। लेकिन छात्रों ने इसका विरोध किया और मांग की कि केवल एक केंद्र पर परीक्षा कराने से निष्पक्षता पर सवाल उठेंगे, इसलिए पूरी परीक्षा को फिर से आयोजित किया जाए। हालांकि, बीपीएससी ने इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए पूरे राज्य में दोबारा परीक्षा कराने से इनकार कर दिया।
परीक्षा में 4.83 लाख छात्रों ने किया था आवेदन
बीपीएससी की संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा के लिए सितंबर 2024 में विज्ञापन जारी किया गया था। इस परीक्षा में कुल 4,83,000 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से लगभग 3,25,000 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। यह परीक्षा बिहार लोक सेवा आयोग के तहत 2031 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की गई थी, जिनमें 200 पद एसडीएम, 136 पद डीएसपी और अन्य गजेटेड अधिकारियों के पद शामिल हैं।

