टेक डेस्क| थोक में नहीं ले सकेगे सिम: वर्तमान में मोबाइल सिम कार्ड लेना बहुत ही आसान प्रक्रिया थी लेकिन अब सरकार ने सिम लेने के लिए नया नियम बना दिया है। किसी भी मोबाइल में नया सिम का उपयोग कर धोखाधड़ी के केस लगातार बढ़ रहे है जिससे कारण सरकार ने नियमों का सख्त किया हैं।

यह है सरकार की घोषणा
केंद्र सरकार के इलेक्ट्रानिक व आइटी मंत्री अश्वनी वैष्णव ने दो घोषणाएं की हैं। पहली घोषणा के तहत सिम बेचने वाले डीलरों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। उनका सत्यापन टेलीफोन प्रदाता कम्पनियां कुछ इस तरह करेगी कि संदेह की कोई गुजाइंश न रहें। दूसरी घोषणा की कि साइबर फ्राड रोकने के लिए सिम की थोक बिक्री खत्म की जा सकें।
अब थोक में नहीं ले सकेगे सिम/ सिम लेने के नये नियम
जो डीलर सिम कार्ड भेजते है उन्हें भी अब सिम कार्ड का वेरिफिकेशन करवाना होगा। सिम कार्ड बेचने वाले दुकानदारों के लिए सरकार ने वेरिफिकेशन करवाने के लिए 12 महीना का समय दिया है। जिसमें वह अपना वेरिफिकेशन और रजिस्ट्रेशन करवा सकते है।
डेमोग्राफिक डाटा होगा कलेक्ट
पुराने नंबर पर नया सिम कार्ड लेने के लिए आधार पर छिपे क्यूआर कोड की पहले स्कैनिंग होगी जिसके आधार पर कस्टमर के डेमोग्राफिक डाटा रिकार्ड कर लिया जाएगा।
बिजनेस कनेक्शन के तहत दिये जाने वाले सिम का नियम
दूर संचार मंत्रालय के बनाये गये नये नियमों में बिजनेस कनेक्शन के तहत जिन लोगों को सिम दिये जाएंगे, उनका भी अनिवार्य रूप से केवाईसी कराना होगा।
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