चाईबासा : पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड में अब तक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को खानापूर्ति बताते हुए आदिवासी मुंडा समाज, आदिवासी एकता मंच, आदिवासी स्वशासन एकता मंच और आदिवासी हो महासभा ने असंतोष जताया है। सभी समितियों का कहना है कि हत्याकांड के असली शूटर और साजिशकर्ता अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
इसी के विरोध में समिति ने 17 जनवरी को झारखंड बंद रखने और मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है। बंद को सफल बनाने के लिए शुक्रवार को चाईबासा पोस्ट ऑफिस चौक पर मशाल जुलूस निकाला गया। इस दौरान लोगों से बंद का आह्वान किया गया। इस मौके पर मानकी मुंडा की समिति के महासचिव चंदन होनहागा ने कहा कि कहा कि पुलिस निर्दोष ग्रामीणों को परेशान क
रने के बजाय असली दोषियों को गिरफ्तार करे। उन्होंने दावा किया कि झारखंड बंद को एक दर्जन से अधिक आदिवासी संगठनों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने बताया कि 7 जनवरी को पड़हा राजा सोमा मुंडा की भू माफियाओं ने एक साजिश के तहत हत्या की है। उन्होंने कहा कि सरकार पारंपरिक व्यवस्था को जोड़े रखने वाले को पूरी सुरक्षा प्रदान करें, ताकि क्षेत्र में व्यवस्था बनी रहे। हत्या के बाद समाज के लोगों ने प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन अब तक की गई पुलिस की कार्रवाई से कोई भी संतुष्ट नहीं है।
मुख्य व अन्य आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की गई। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि 17 जनवरी को झारखंड बंद का आह्वान किया गया है। मशाल जुलूस में काफी संख्या में लोग शामिल थे।
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