रांची : पलामू में सिलेंडर ब्लास्ट मामले में पुलिस एवं प्रशासनिक स्तर से बड़ी कार्रवाई की गई है। तत्काल में गाज टीओपी 3 के प्रभारी एवं पुलिस टीम पर गिरी है। सभी को निलंबित कर दिया गया है। इसकी जानकारी पलामू एसपी ने X पर दी है। इधर डीसी समीरा एस ने पूरे मामले की जांच का निर्देश दिया है। सोमवार को अपर समाहर्ता कुंदन कुमार ने घटनास्थल का जायजा लिया। डीलर का लाइसेंस रद्द होगा।
घर में रखे एलपीजी सिलेंडरों में हुआ था विस्फोट ,चार युवक गंभीर रूप से घायल
मेदिनीनगर शहर के बैरिया चौक के पास रविवार को एक घर में रखे एलपीजी सिलेंडरों में अचानक विस्फोट हो गया था। इसमें चार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी।
घायलों को इलाज के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। घायलों में पलामू के पांडू निवासी धर्मेंद्र सिंह, मुकेश कुमार, विक्रम सिंह और आलोक कुमार हैं। सभी युवक किसी काम से उस घर में मौजूद थे,तभी अचानक सिलेंडर में विस्फोट हो गया और वे इसकी चपेट में आ गए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस घर में विस्फोट हुआ, वहां बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर रखे हुए थे। घर में अवैध रूप से गैस सिलेंडरों का डंप बनाया गया था। यह घर पांडू स्थित एक गैस एजेंसी के मालिक का है।
सिलेंडर में विस्फोट कैसे हुआ, इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है। घटना के बाद पुलिस की लापरवाही सामने आई थी जिसके कारण टीओपी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की गई।
घटना के एक दिन पूर्व ही डीसी ने गोदामों के स्टॉक वेरिफिकेशन का दिया था निर्देश
ज्ञात हो कि घटना के एक दिन पूर्व 14 मार्च को ही घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता व वितरण की निगरानी के लिए प्रशासन ने जांच दल गठित की थी। डीसी ने सभी एसडीओ व बीडीओ को गैस गोदामों का औचक निरीक्षण व स्टॉक वेरिफिकेशन करने के निर्देश थे।
जारी निर्देश में कहा गया था कि हाल के दिनों में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से गैस उपभोक्ताओं को घरेलू रसोई गैस प्राप्त करने में कठिनाइयों की सूचना मिल रही है।इन शिकायतों के मद्देनजर प्रशासन ने स्थिति की निगरानी के लिए अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर पर जांच दल गठित करने का निर्णय लिया है। गठित जांच दल अपने-अपने क्षेत्र में स्थित गैस वितरकों के गोदामों में उपलब्ध घरेलू रसोई गैस की स्थिति की जांच करेंगे तथा यह सुनिश्चित करेंगे कि गैस का वितरण उपभोक्ताओं के बीच सही और पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है।
इसके साथ ही रसोई गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए संबंधित गोदामों का औचक निरीक्षण करने तथा आवश्यक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया। इतनी सख्ती के बाद भी घर में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर को डंप करना लोगों की समझ से परे है।

