नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के हालिया बयान ने बिहार और उत्तर प्रदेश के नेताओं को बुरी तरह आहत कर दिया है। केजरीवाल ने दिल्ली में फर्जी वोटरों के मुद्दे पर 9 जनवरी 2025 को चुनाव आयोग से मुलाकात की और आरोप लगाया कि बिहार, यूपी और आसपास के क्षेत्रों से लोग दिल्ली में लाकर फर्जी वोटर बनाए जा रहे हैं। इस बयान के बाद बिहार में सियासी हलचल मच गई और जेडीयू (जनता दल यूनाइटेड) और बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) के नेताओं ने उन्हें कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
केजरीवाल का विवादास्पद बयान
अरविंद केजरीवाल ने 9 जनवरी को मीडिया से बात करते हुए कहा कि दिल्ली में बिहार, यूपी और आसपास से लोगों को लाकर फर्जी वोटर बनवाए जा रहे हैं। अगर 13 लाख नए वोटर किसी विधानसभा क्षेत्र में इधर से उधर कर दिए जाएं तो क्या होगा?” उनका यह बयान दिल्ली में चुनावी गड़बड़ी को लेकर था, लेकिन उन्होंने जिस तरह से पूर्वांचल के लोगों को फर्जी वोटर कहा, वह बिहार और यूपी के नेताओं को बेहद आपत्तिजनक लगा।
केजरीवाल का यह बयान दिल्ली में वोटर लिस्ट में हेराफेरी को लेकर था, लेकिन उनका यह आरोप विशेष रूप से बिहार और यूपी से जुड़े मतदाताओं पर केंद्रित था, जो दिल्ली में बड़े पैमाने पर निवास करते हैं। उनकी इस टिप्पणी से पूर्वांचल के लोग नाराज हो गए और बिहार की सियासत में तूफान मच गया।
जेडीयू और बीजेपी ने किया हमला
केजरीवाल के बयान पर बिहार में सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। जेडीयू के राज्यसभा सांसद संजय झा ने कहा, “पूर्वांचल के वोटरों को फर्जी बताकर आप उनका अपमान कर रहे हैं, अरविंद केजरीवाल जी! क्या आपको बिहार और यूपी के लोगों से इतनी नफरत है?” संजय झा ने यह भी कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है, न कि किसी की निजी जागीर, और बिहार-यूपी के लोगों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से दिल्ली और देशभर में अहम स्थान बनाया है।
झा ने आगे कहा, “आपने जो खुद के लिए शीशमहल बनवाए हैं, उनमें दिल्ली में रहने वाले बिहार-यूपी के लोगों के टैक्स के पैसे भी लगे हैं। उनका बार-बार अपमान बर्दाश्त के काबिल नहीं है। आपको तुरंत माफी मांगनी चाहिए।”
वहीं, बीजेपी के नेताओं ने भी केजरीवाल पर हमला बोला। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, “केजरीवाल समझ गए हैं कि वे चुनाव हार रहे हैं। इससे डर सता रहा है और वे बौखलाकर अनाप-शनाप बयान दे रहे हैं।”
बीजेपी के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने कहा, “केजरीवाल जी, जिस पत्तल में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं। जिन बिहारियों और पूर्वांचलियों ने इन्हें मुख्यमंत्री बनाया, उन्हीं को ये गाली देते हैं।”
सम्राट चौधरी और मनोज तिवारी का तीखा जवाब
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “केजरीवाल को यह भी याद नहीं होगा कि 2019-20 में उन्होंने दिल्ली से बिहारियों को कैसे भगाया था। अब उन्हें पूर्वांचल के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।”
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने भी केजरीवाल के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा, “आखिर अरविंद केजरीवाल को पूर्वांचल के लोगों को फर्जी कहने की हिम्मत कैसे हुई? उनके मन में बिहार-यूपी के लोगों के लिए नफरत भरी हुई है।”
दिल्ली में पूर्वांचल के वोटर्स की स्थिति
दिल्ली की सियासत में बिहार और यूपी के लोगों की बड़ी भूमिका है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में कुल 1.5 करोड़ वोटरों में से लगभग 24% लोग बिहार और उत्तर प्रदेश से हैं, जो करीब 40 लाख की संख्या में हैं। दिल्ली की 30 से अधिक विधानसभा सीटों पर पूर्वांचल के लोग निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इन सीटों में द्वारका, पालम, विकासपुरी, उत्तम नगर, राजेंद्र नगर, देवली, बदरपुर, लक्ष्मी नगर, बुराड़ी, पटपड़गंज, मॉडल टाउन और करावल नगर जैसी सीटें शामिल हैं, जहां पूर्वांचलियों का भारी दबदबा है।
पूर्वांचलियों का प्रभाव
2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने पूर्वांचल के वोटरों के समर्थन से बड़ी सफलता हासिल की थी। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने दिल्ली की सभी सात सीटों पर विजय प्राप्त की है, और अब वह केजरीवाल पर तीखा हमला कर रही है। बीजेपी का दावा है कि इस बार केजरीवाल का बयान इसलिए आया क्योंकि उन्हें आगामी चुनाव में हार का डर सताने लगा है।
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