
चाईबासा : आमला टोला सार्वजनिन काली पूजा समिति, चाईबासा की बैठक समिति कार्यालय में अध्यक्ष सुनील प्रसाद साव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में समिति के मुख्य संरक्षक सह झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान वर्ष 2026 में आयोजित होने वाले 54वें काली पूजा महोत्सव की तैयारियों, आयोजन की रूपरेखा और विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सर्वसम्मति से इस वर्ष भी महोत्सव को पारंपरिक श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
महोत्सव के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर गत वर्ष की समिति में आंशिक संशोधन करते हुए नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और सदस्यों को आयोजन की विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपने तथा तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर भी सहमति बनी।
काली पूजा चाईबासा की सांस्कृतिक पहचान : मिथिलेश ठाकुर
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य संरक्षक सह पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कहा कि आमला टोला की काली पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि क्षेत्र की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और सामूहिक आस्था का जीवंत प्रतीक है। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा ने झारखंड सहित अन्य क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।
उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक आयोजन की गरिमा और प्रतिष्ठा को बनाए रखते हुए इसे और अधिक भव्य, आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। काली पूजा महोत्सव समाज के विभिन्न वर्गों को एक सूत्र में पिरोने का सशक्त माध्यम है। इसकी सफलता के लिए आपसी समन्वय, अनुशासन, समर्पण और सामूहिक सहभागिता बेहद जरूरी है।
पूर्व मंत्री ने नई कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों से अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण भी समिति की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
नई कार्यकारिणी में इन्हें मिली जिम्मेदारी
नवगठित कार्यकारिणी में मिथिलेश कुमार ठाकुर को मुख्य संरक्षक और सुनील प्रसाद साव को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, तपन कुमार मित्रा, राजीव नयनम, शंभू दयाल अग्रवाल, रमेश खिरवाल, पवित्र कुमार भट्टाचार्य एवं दीपेंद्र प्रसाद साव को संरक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उपाध्यक्ष : वेदांत खिरवाल, रौशन कुमार, दिलीप राम, अनंत लाल विश्वकर्मा, चित्तरंजन दास, डोमा मिंज एवं रतन डे।
सचिव : त्रिशानु राय।
संयुक्त सचिव : अभिषेक मिश्रा, देबजीत चटर्जी, पिनाकी दत्ता एवं अमित ठाकुर।
सह-सचिव : संदीप भवसार, मो. निजाम एवं रौनक सिन्हा।
कोषाध्यक्ष : दीपक कुमार खिरवाल।
सह-कोषाध्यक्ष : गौतम सरकार एवं मिथिलेश झा।
प्रेस प्रवक्ता : दीपक शर्मा एवं मानस घोष।
सलाहकार : विनय कुमार ठाकुर, सपन मित्रा, तड़ित विश्वास, गोपाल चटर्जी, प्रभाष सरकार एवं भरत रूंगटा।
कार्यकारिणी में शामिल किए गए कई सदस्य
कार्यकारिणी सदस्य के रूप में विनोद गीगा दाहिमा, सुशांत चटर्जी, नारायण पाड़िया, संजय पोद्दार, अशोक शर्मा, संजय गर्ग, अशोक अग्रवाल, विवेक गुप्ता, कंचन राय, महेश रूंगटा, शिवाजी चटर्जी, अनुज चौधरी, मोनू ठाकुर, कैलाश खंडेलवाल, आनंद गोप, रघुनंदन पिरोजीवाला, मोना बर्मन, तपन राय, कुल चन्द्र कुजूर, रोहित रूंगटा, राज कुमार कुईला, प्रतीक चटर्जी, अनूप जोशी, शुभम शर्मा, रौशल लाल अग्रवाल, वैभव बजाज, अनिल लकड़ा, मानव जोशी, गोपाल साह, विवेकानंद दिनोदिया, शुभम दास, गौतम रूंगटा, हाराधन कुंडू, मो. सलीम, मनीष पसारी, दीपक उरांव, रोहित निषाद, यश जोशी, आलोक मजुमदार, जितेन्द्र सिन्हा, संतोष सिंघानिया, मनोज घोष, गणेश प्रसाद, लक्ष्मण राम, मो. गब्बर, मनोज साव, किशोर ठक्कर, रूपम दास, आदित्य सरकार, मो. रईस, देबनाथ सरकार, संजय प्रजापति, दिनेश लाल, गणेश सरकार, राजा सिन्हा, दिलीप अग्रवाल, निखिल मित्रा, राजेश गर्ग एवं जीवन वर्मा सहित अन्य सदस्यों को शामिल किया गया है।
बैठक के अंत में सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने आपसी सहयोग, समन्वय और सामूहिक प्रयास से 54वें काली पूजा महोत्सव को ऐतिहासिक, भव्य एवं सफल बनाने का संकल्प लिया। साथ ही आयोजन की तैयारियों में तेजी लाने और पूजा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को निर्धारित समय पर पूरा करने पर सहमति जताई गई।

