
चाईबासा : ओडिशा-झारखंड सीमा से लगे चंपुआ थाना इलाके में बैंक से राशि निकालकर लौट रहे एक वृद्ध के साथ हुई लूट की वारदात का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही खुलासा कर दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा और विजयादशमी के पावन अवसर पर पीड़ित वृद्ध धनेश्वर महानत को उनके लूटे गए 50,000 रुपयों में से 45,000 रुपये सकुशल वापस लौटा दिए।
हाथों से रुपयों का बंडल झपटकर हुआ फरार
आरोपी को घटना के तुरंत बाद गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। प्राप्त विवरण के अनुसार शशांग गांव के रहने वाले धनेश्वर महानत बीते 7 अक्टूबर को चंपुआ स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से 50,000 रुपये की निकासी करने पहुंचे थे। जब वे बैंक में अपना पासबुक अपडेट कराने हेतु कतार में खड़े थे, उसी दौरान एक शातिर अपराधी मौका पाकर उनके हाथों से रुपयों का बंडल झपटकर चंपुआ से फरार हो गया।
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर हुई आरोपी की पहचान
इस अप्रत्याशित घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी जानकारी दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चंपुआ पुलिस ने तत्परता दिखाई और बैंक परिसर सहित आसपास के तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों की गहन छानबीन शुरू की। फुटेज के आधार पर अपराधी की पहचान सुनिश्चित करने के बाद पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में नाकाबंदी कर वाहन चेकिंग अभियान तेज कर दिया। इसी क्रम में चंपुआ-जैंतगढ़ बॉर्डर पर सघन चेकिंग के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के पश्चात आरोपी को भेजा गया जेल
पुलिस ने तलाशी के दौरान आरोपी के पास से लूटी गई कुल रकम में से 45,000 रुपये बरामद करने में सफलता पाई। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के पश्चात आरोपी को जेल भेज दिया गया। पकड़ा गया शख्स झारखंड के मझगांव इलाके का निवासी बताया जा रहा है।
औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बुजुर्ग को सौंपी गई राशि
दशहरा (विजयादशमी) की शाम चंपुआ थाना परिसर में औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बुजुर्ग को यह राशि सौंपी गई। इस मौके पर डिप्टी कलेक्टर और एसडीपीओ विशेष रूप से उपस्थित रहे। थाना प्रभारी पूर्वो नायक तथा एसआई निरंजन बेहरा ने पूरी राशि वापसी की प्रक्रिया को संपन्न कराया। त्योहार के दिन अपनी गाढ़ी कमाई का अधिकांश हिस्सा वापस पाकर बुजुर्ग धनेश्वर महानत की आंखें नम हो गईं और उन्होंने चंपुआ पुलिस के प्रति दिल से आभार प्रकट किया। इस सराहनीय कदम से बुजुर्ग के परिवार में खुशी का माहौल देखने को मिला।

