
रांची : झारखंड में विमानन सेवाओं के विस्तार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। विमानन कंपनी इंडिगो ने राज्य के दो प्रमुख शहरों, रांची और देवघर से देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के लिए सीधी उड़ानों की घोषणा की है। फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की निरंतर मांग के पश्चात यह निर्णय लिया गया है। इस नई व्यवस्था के अंतर्गत देवघर से मुंबई के मध्य पच्चीस अक्टूबर से दैनिक सीधी विमान सेवा प्रारंभ होगी, जबकि रांची से नवी मुंबई के बीच 16 दिसंबर से सीधी उड़ानें संचालित की जाएंगी। इस कदम से यात्रियों के समय की बचत होगी और यात्रा अधिक सुगम बनेगी।
पर्यटन व व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
विमानन कंपनी की इस पहल से राज्य के पर्यटन और व्यापारिक परिदृश्य को व्यापक संबल मिलने की संभावना है। पच्चीस अक्टूबर से देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम से मुंबई के लिए प्रतिदिन सीधी उड़ान उपलब्ध होने से धार्मिक पर्यटकों एवं व्यवसायियों को सीधा लाभ पहुंचेगा। दूसरी ओर, 16 दिसंबर से रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे से नवी मुंबई के नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए सीधी विमान सेवा प्रारंभ की जाएगी। इस हवाई जुड़ाव से यात्रियों को कनेक्टिंग उड़ानों की लंबी प्रतीक्षा प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी तथा त्वरित आवागमन संभव हो सकेगा।
चैंबर ऑफ कॉमर्स ने जताई प्रसन्नता
फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने इंडिगो एयरलाइंस के इस निर्णय का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया है। व्यापारिक संगठन का मानना है कि सीधे हवाई संपर्क से झारखंड में औद्योगिक निवेश, व्यावसायिक गतिविधियों और पर्यटन को नई गति प्राप्त होगी। संगठन पिछले लंबे समय से राज्य के प्रमुख औद्योगिक व व्यापारिक केंद्रों को देश के महानगरों से जोड़ने के लिए प्रयासरत था। इस सेवा के प्रारंभ होने से चिकित्सा, शिक्षा और व्यापारिक कारणों से मुंबई जाने वाले यात्रियों को अत्यधिक सुविधा होगी।
जयपुर, रायपुर और गुवाहाटी के लिए भी सीधी उड़ान की मांग
इंडिगो की इस घोषणा के साथ ही व्यापारिक प्रतिनिधियों ने राज्य से अन्य महत्वपूर्ण शहरों के लिए भी सीधी विमान सेवाओं के विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया है। संगठन ने मांग की है कि भविष्य में रांची से जयपुर, रायपुर और गुवाहाटी के लिए भी सीधी उड़ानों का परिचालन प्रारंभ किया जाना चाहिए। इन मार्गों पर सीधी सेवा उपलब्ध होने से पूर्वोत्तर और मध्य भारत के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों के साथ झारखंड का संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नया आयाम मिलेगा

