मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर में पुलिस ने एक बड़े सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए पति-पत्नी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह गिरोह अकेली और असहाय लड़कियों को स्टेशन और बस अड्डों से बहला-फुसलाकर होटलों में भेजता था, जहां उन्हें जबरन देह व्यापार में धकेला जाता था। पुलिस ने चार युवतियों को छुड़ाया है और इस मामले में दो होटलों के मैनेजर भी गिरफ्तार किए गए हैं।
पीड़िता के साहस से खुला मामला
नगर डीएसपी सीमा देवी ने जानकारी दी कि यह रैकेट तब उजागर हुआ जब एक युवती ने खुद को फंसता देख पुलिस को कॉल कर अपनी लोकेशन साझा की। युवती मुजफ्फरपुर स्टेशन पर ऑटो का इंतजार कर रही थी, तभी आरोपी ऑटो चालक लक्ष्मण पासवान उसे झांसे में लेकर एक होटल में पहुंचा दिया। वहां से उसने हिम्मत दिखाते हुए नगर थानेदार को कॉल कर मदद मांगी।
होटलों में छापेमारी, सबूत बरामद
पुलिस टीम ने डीएसपी सीमा देवी के नेतृत्व में होटल पर छापेमारी की। इस दौरान कमरे से संदिग्ध लोगों को पकड़ा गया। पुलिस ने मौके से एक इको स्पोर्ट्स कार, एक ऑटो, पांच मोबाइल फोन, होटल का डीवीआर और आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं:
लक्ष्मण पासवान (सिकंदरपुर थाना क्षेत्र) – ऑटो चालक
अंकित कुमार (मानिक चौक, सीतामढ़ी)
पवन कुमार मंगेरिया (मोतीपुर, वार्ड-1)
दिलीप कुमार कुशवाहा व उनकी पत्नी (जुरन छपरा, ब्रह्मपुरा) – कथित मास्टरमाइंड
बताया जा रहा है कि दिलीप कुमार कुशवाहा एक राजनीतिक पार्टी से भी जुड़ा हुआ है। लक्ष्मण पासवान, ऑटो चालक के रूप में स्टेशन व बस स्टैंड से भोली-भाली महिलाओं को झांसा देकर गिरोह तक पहुंचाता था।
रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी
पुलिस जब्त मोबाइल और डीवीआर फुटेज के आधार पर रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान में जुटी हुई है। डीएसपी सीमा देवी ने कहा कि जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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