चक्रधरपुर : भारतीय रेलवे में वर्षों से लंबित पदोन्नति की राह अब आसान होती दिख रही है। रेलवे मेंस कांग्रेस और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे मेंस (एनएफआईआर) के संयुक्त प्रयासों से वर्ष 2026 को ‘पदोन्नति का वर्ष’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस पहल की गई है। प्रस्तावित कैडर पुनर्गठन से भारतीय रेल के लगभग 35 प्रतिशत कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलने की उम्मीद है।

गुरुवार को रेलवे बोर्ड द्वारा प्रत्येक दस वर्षों में किए जाने वाले कैडर पुनर्गठन को लेकर एनएफआईआर के केंद्रीय पदाधिकारियों की एक अहम बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एनएफआईआर अध्यक्ष गुमान सिंह एवं महामंत्री डॉ. एम. राघवैया ने की।
ऑनलाइन बैठक में एनएफआईआर के सहायक महासचिव एवं दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के महासचिव एस. आर. मिश्रा ने दक्षिण पूर्व रेलवे के सभी विभागों से प्राप्त सुझावों के आधार पर रेलवे बोर्ड द्वारा प्रस्तावित कैडर पुनर्गठन पर विस्तृत जानकारी फेडरेशन के समक्ष रखी। भारतीय रेल के सभी जोन और उत्पादन इकाइयों से मिले सुझावों के आधार पर फेडरेशन ने कैडर पुनर्गठन के प्रस्ताव को अंतिम रूप दे दिया है, जिसे शीघ्र ही आवश्यक कार्रवाई के लिए रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा।
फेडरेशन द्वारा रेलवे बोर्ड को दिए गए प्रमुख सुझावों में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के ट्रैक मेंटेनर्स के लिए लेवल-6 में 10 प्रतिशत, लेवल-5 में 25 प्रतिशत पद सृजन, लेवल-2 से लेवल-4 को मर्ज कर 25 प्रतिशत पद तथा लेवल-1 में 40 प्रतिशत पद निर्धारित करने का प्रस्ताव शामिल है।
इसके अलावा सभी विभागों के आर्टिजन स्टाफ (सीनियर टेक्नीशियन से टेक्नीशियन-III तक) के लिए लेवल-7 में 5 प्रतिशत, लेवल-6 में 35 प्रतिशत पद, लेवल-5 एवं लेवल-4 को मर्ज कर 45 प्रतिशत पदों का प्रस्ताव दिया गया है। तकनीकी श्रेणी में सहायक लोको पायलट की तर्ज पर एंट्री लेवल-4 पर 15 प्रतिशत पद सृजन की भी मांग की गई है।
एनएफआईआर ने सभी विभागों के तकनीकी पर्यवेक्षकों (टेक्निकल सुपरवाइजर) के लिए RBE संख्या 155/2022 के अनुसार लेवल-8 एवं लेवल-9 में उन्नयन की मांग की है। साथ ही लेवल-6, 7, 8 और 9 में समान रूप से 25-25 प्रतिशत कैडर पद तय करने का सुझाव दिया गया है। रनिंग स्टाफ, जिसमें ट्रेन मैनेजर और लोको पायलट शामिल हैं, उनके लिए लेवल-7 के कैडर पदों में 30-30 प्रतिशत पद सृजन का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड को सौंपा गया है।
इनके अलावा अन्य सभी विभागों के कर्मचारियों के लिए भी संतुलित और सामान्य प्रस्ताव फेडरेशन की ओर से भेजे गए हैं, जिन पर शीघ्र निर्णय की उम्मीद जताई जा रही है।
रेल यूनियनों का कहना है कि वर्ष 2026 में प्रस्तावित कैडर संरचना में बदलाव से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को पदोन्नति का अवसर मिलेगा। दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस और एनएफआईआर के साझा प्रयासों से वर्ष 2026 को रेलवे कर्मचारियों के लिए ‘पदोन्नति का वर्ष’ के रूप में याद किया जाएगा।
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