लखनऊ : उत्तर प्रदेश में सोमवार को मौसम ने एक बार फिर से करवट ली। राजधानी लखनऊ में अचानक गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जबकि कई जिलों में ओले भी गिरे, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, जैसे-जैसे दिन चढ़ा, मौसम साफ हो गया और धूप ने अपनी चमक दिखाई।
21 मार्च को व्रजपात का अलर्ट
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र ने 21 मार्च को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात होने की संभावना जताई है। इसके साथ ही अगले दो दिनों तक तेज हवा चलने की संभावना भी जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कई इलाकों में मौसम में अचानक बदलाव देखा गया। गोरखपुर, देवरिया, महाराजगंज, कुशीनगर और बस्ती जैसे जिलों में सुबह साढ़े आठ से नौ बजे के बीच आधे घंटे तक बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे गेहूं और सरसों की फसल को आंशिक नुकसान हुआ। हालांकि, दस बजे के बाद मौसम में सुधार हुआ और धूप खिली।
सुल्तानपुर में सबसे अधिक 1.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। प्रयागराज और कौशांबी में बादल पूरे दिन छाए रहे, जबकि प्रतापगढ़ में हल्की रिमझिम बारिश हुई। बरेली और अलीगढ़ में मौसम साफ रहा और तेज धूप के कारण तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई। आगरा में भी सुबह से ही धूप खिली रही, लेकिन ठंडी हवा चलती रही। दोपहर में हल्के बादल भी छाए थे। यहां का न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
फसलों को आंशिक नुकसान
बारिश और ओले के कारण फसलों को आंशिक नुकसान हुआ है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि मौसम में नमी बनी रही तो गेहूं, आम सहित अन्य फसलों पर अधिक नकारात्मक असर हो सकता है। ऐसे में किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। फसलों की निरंतर निगरानी करनी चाहिए। हालांकि, मलिहाबाद और काकोरी क्षेत्र में हल्की बारिश के कारण आम की फसल को कोई विशेष नुकसान नहीं हुआ। रविवार रात की बारिश के बाद सोमवार सुबह तेज धूप और हवा के कारण आम के बौर की नमी खत्म हो गई।
किसानों का कहना है कि अगर बारिश के बाद धूप नहीं निकली, तो आम के बौर में रोग लग सकते हैं और गेहूं की अगेती फसल की कटाई भी प्रभावित हो सकती है। 20 मार्च से गेहूं की अगेती फसल की कटाई शुरू होनी थी, लेकिन इस बारिश से गेहूं की कटाई में रुकावट आ सकती है और गेहूं में कडुंवा की समस्या भी बढ़ सकती है।
सलाह का करें पालन
मौसमी फसलों जैसे ककड़ी, तरबूज, खरबूजा, खीरा, तरोई और कद्दू में बरसात होने से खर्रा रोग की समस्या भी तेजी से फैल सकती है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि पत्तियों की निचली सतह पर सफेद फफूंदी या रुई जैसा दिखाई देने पर कार्बेंडाजिम 12 प्रतिशत और मैकोजेब 63 प्रतिशत की 2.5 ग्राम मात्रा को एक लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
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