रामगढ़ : झारखंड के रामगढ़ शहर में रामनवमी जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने माइकिंग करने की अपील की थी। इस अपील के बाद सौदागर मोहल्ला जैसे संवेदनशील क्षेत्र में माइकिंग करना एएसआई (ASI) सुजीत कुमार सिंह को भारी पड़ गया। सोमवार को रामगढ़ एसपी ने उन्हें निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई के बाद मामला तूल पकड़ने लगा है और अब यह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।

क्या था मामला?
रामनवमी महासमिति के अध्यक्ष धर्मेंद्र साहू उर्फ भोपाली ने एसपी की इस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने निलंबन को अन्यायपूर्ण और अविचारपूर्ण बताते हुए एसपी से इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। अगर ऐसा नहीं होता, तो उन्होंने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, रामगढ़ शहर के संवेदनशील इलाके सौदागर मोहल्ला में माइकिंग के दौरान पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से रामनवमी का त्योहार मनाने की अपील की थी। पुलिस ने यह भी कहा था कि जुलूस के रास्ते में आने वाले घरों की छतों से पत्थर और ज्वलनशील पदार्थ हटा दिए जाएं, और अगर पुलिस को संदेह हुआ तो घर की तलाशी भी ली जा सकती है। माइकिंग के दौरान रामगढ़ थाना प्रभारी कृष्ण कुमार और अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे।
आंदोलन की चेतावनी
हालांकि, एएसआई सुजीत कुमार सिंह ने आम लोगों से आंदोलन और विरोध नहीं करने की अपील की है। बावजूद इसके, रामनवमी पूजा समिति के लोग इस कार्रवाई को गलत और संगीन मानते हुए विरोध कर रहे हैं।
मामला सोशल मीडिया पर वायरल
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद यह मामला अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। खासकर 6 अप्रैल को होने वाली रामनवमी पूजा और 1 अप्रैल को भव्य शोभा यात्रा के पहले यह विवाद और भी बढ़ सकता है।

