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JHARKHAND NEWS: रांची में रक्षा संपदा उप-कार्यालय का उद्घाटन, राज्यपाल बोले-झारखंड के लिए दूरदर्शी निर्णय

by Vivek Sharma
रक्षा सम्पदा उप-कार्यालय (1)
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RANCHI: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शनिवार को रांची में रक्षा संपदा उप-कार्यालय के नए कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने इसे झारखंड राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा रांची में रक्षा सम्पदा उप-कार्यालय की स्थापना एक दूरदर्शी और समयानुकूल निर्णय है। जिससे राज्य में रक्षा भूमि प्रबंधन को अधिक सुदृढ़, प्रभावी और समयबद्ध बनाया जा सकेगा।

राज्यपाल ने कहा कि अब तक झारखंड राज्य के सभी जिलों और सैन्य स्टेशनों से संबंधित रक्षा भूमि का प्रबंधन बिहार के दानापुर स्थित कार्यालय से किया जा रहा था। व्यापक क्षेत्राधिकार और भौगोलिक दूरी के कारण कई मामलों में विलंब की स्थिति उत्पन्न होती थी। रांची में उप-कार्यालय की स्थापना से अब रक्षा भूमि से जुड़े मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। इससे राज्य प्रशासन और रक्षा प्रतिष्ठानों के बीच समन्वय भी अधिक मजबूत होगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय

उन्होंने कहा कि रक्षा भूमि का सुव्यवस्थित प्रबंधन न केवल प्रशासनिक दृष्टि से आवश्यक है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से भी प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा विषय है। इस उप-कार्यालय के माध्यम से रक्षा परिसंपत्तियों की सुरक्षा, रख-रखाव और उपयोग में पारदर्शिता आएगी। जिसका लाभ राज्य और राष्ट्र दोनों को मिलेगा। इस अवसर पर राज्यपाल ने भारतीय सैनिकों के पराक्रम, साहस और अनुशासन की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक केवल सीमाओं की रक्षा ही नहीं करते, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं और संकट के समय भी समर्पण भाव से नागरिकों की सहायता के लिए तत्पर रहते हैं।

नेशन फर्स्ट’ की भावना का जीवंत उदाहरण

उनका जीवन ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना का जीवंत उदाहरण है। राज्यपाल ने कहा कि जब देशवासी चैन की नींद सोते हैं, तब हमारे सैनिक सीमाओं पर जागकर देश की सुरक्षा में लगे रहते हैं। विषम भौगोलिक और मौसमीय परिस्थितियों में अपने परिवार और व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं का त्याग कर वे राष्ट्र रक्षा के दायित्व का निर्वहन करते हैं। राज्यपाल ने कहा कि भारत सदैव शांति का पक्षधर रहा है और विश्व को मानवता का संदेश देता आया है।

हम बिना कारण किसी के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करते, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर शास्त्र और शस्त्र दोनों की मर्यादा निभाना भली-भांति जानते हैं। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे अभियानों के माध्यम से भारतीय सेना ने आतंकवाद के अड्डों को समाप्त कर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि यह नया भारत है। यह भारत शांति चाहता है, लेकिन मानवता पर हमला होने की स्थिति में दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देना भी जानता है।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना

उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सैनिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प के तहत रक्षा क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों से देश की सैन्य शक्ति निरंतर सशक्त हो रही है। राज्यपाल ने केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा मंत्रालय भारत सरकार की पूरी टीम को बधाई दी।

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