RANCHI: रांची नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बेहतर इलाज उनके घरों के पास ही मिलेगा। रांची नगर निगम ने इसके लिए तैयारी कर ली है। जिसके तहत अब राजधानी में 18 नए अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोलने की योजना है। इसमें से कई सेंटरों का निर्माण कार्य शुरू भी करा दिया गया है। वहीं अन्य सेंटरों के संचालन के लिए जगह चिन्हित किए जा रहे है। जिससे कि अब लोगों को केवल गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ही रिम्स-सदर की दौड़ लगानी होगी। बता दें ति नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर (हेल्थ सेंटर) के खुल जाने के बाद इनकी संख्या 43 हो जाएगी। इससे खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को प्राइमरी हेल्थ ट्रीटमेंट घर के आसपास ही मिल सकेगी।
पहले से चल रहे 25 सेंटर
इस पहल से रांची में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और बढ़ेगी। वर्तमान में रांची नगर निगम क्षेत्र में 25 आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहले से ही संचालित हैं, जहां लोगों को मुफ्त जांच, दवाइयां और प्राथमिक उपचार प्रदान की जा रही हैं। 18 नए केंद्रों के खुलने के बाद कुल 43 आरोग्य मंदिर होंगे। जिससे कि लोगों को प्राइवेट हॉस्पिटल और क्लिनिक की दौड़ लगाने की झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। वहीं उनकी जेब पर भी इसका असर नहीं पड़ेगा।
25 लाख रुपए एक केंद्र के लिए
निगम अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक केंद्र के निर्माण पर लगभग 34.5 लाख रुपये खर्च होंगे। इनमें से 25 लाख रुपये केंद्र से और 9.5 लाख रुपये राज्य सरकार द्वारा दिए जाएंगे। इन केंद्रों का निर्माण 15वें वित्त आयोग की राशि से कराया जाएगा। नए केंद्रों में मरीजों के बैठने की सुविधा, अलग-अलग टॉयलेट, ओपीडी और डिस्पेंसरी जैसी बुनियादी सुविधाएं मौजूद होंगी। हालांकि कुछ सेंटरों का निर्माण 25 लाख रुपए से ही कराया जाएगा। चूंकि पहले शहर में 12 सेंटर खोलने की योजना थी। लेकिन वार्डों को देखते हुए इसकी संख्या बढ़ाई गई है। ऐसे में खर्च की जाने वाली राशि को लेकर अधिकारी बताने से बच रहे है। लेकिन इतना तो तय है कि अब सेंटर आपके घर के आसपास होंगे तो इलाज से लेकर वैक्सीन के लिए दौड़ नहीं लगानी होगी।
घर के पास मेडिकल सुविधा
आयुष्मान आरोग्य मंदिर को खोलने का उद्देश्य लोगों को उनके घर के पास ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। एक अधिकारी ने बताया कि इन केंद्रों के माध्यम से बुखार, खांसी-जुकाम, ब्लड प्रेशर, शुगर की जांच, टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा मैटरनिटी के दौरान देखभाल और वैक्सीनेशन की भी सुविधा इन सेंटरों पर मिल रही है। इससे न केवल लोगों को तत्काल इलाज मिल रहा है, बल्कि बड़े अस्पतालों पर दबाव भी कम हो रहा है। नए सेंटरों के खुलने से रिम्स और सदर में भी मरीजों का बोझ कुछ कम होगा। महीने में एक दिन वैक्सीनेशन से बच्चों और मां को भी लंबी वेटिंग से राहत मिली है।
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