RANCHI: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रांची के नामकुम स्थित राष्ट्रीय कृषि उच्चतर प्रसंस्करण संस्थान में दो दिवसीय किसान मेला सह कृषि प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने किया। शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि किसानों के लिए अपनी आय के स्रोतों को विविध और बहुआयामी बनाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।उन्होंने कहा कि विशेष रूप से महिला किसान न केवल अपने परिवार और समाज बल्कि पूरे झारखंड और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उद्यमी के रूप में बनाई नई पहचान
उन्होंने कहा कि झारखंड की महिला किसानों ने अपनी मेहनत और संघर्ष के बल पर कृषि और उससे जुड़े व्यवसायों को विकसित कर उद्यमी के रूप में नई पहचान बनाई है। ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना इसका एक बड़ा उदाहरण है, जो महिलाओं के प्रति सरकार की संकल्पबद्धता को दर्शाता है।
योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव अबुबकर सिद्दिकी ने किसानों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और उनसे इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। आईसीएआर-एनआईएसए के निदेशक अभिजीत कर ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि ग्रामोद्योग, चक्रीय कृषि और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसानों की आय और आजीविका को मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि संस्थान किसानों के हित में नई तकनीकों और अनुसंधान पर लगातार काम कर रहा है।
प्रदर्शनी में लगाए गए हैं 40 स्टॉल
किसान मेला सह कृषि प्रदर्शनी में लगभग 40 स्टॉल लगाए गए, जिनमें विभिन्न कृषि संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों, सरकारी विभागों, किसान उत्पादक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों और निजी संस्थाओं ने भाग लिया। इन स्टॉलों में आधुनिक कृषि तकनीक, कृषि यंत्र, उद्यान और पशुपालन से जुड़े उत्पादों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। इस मेले में 1500 से अधिक प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।

