RANCHI: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को निर्वाचन आयुक्त से मिला और राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता सोनाल शांति ने भी आरोपों पर जवाब दिया है।

प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपते हुए राज्य में शहरी निकाय चुनावों के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की। जिससे कि चुनाव निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सकें। इसके बाद आदित्य साहू ने प्रेस वार्ता में कहा कि झारखंड में अपराधी बेलगाम हो गए हैं और राज्य सरकार का संरक्षण उन्हें मिल रहा है। उन्होंने राज्य में हो रहे अपराध का उदाहरण देते हुए कहा कि रांची सिविल कोर्ट और डीसी ऑफिस को उड़ाने की धमकियां मिल रही है। जमशेदपुर में गोलीबारी की घटनाएं हो रही है। इस तरह की घटनाएं दर्शाती हैं कि राज्य में अपराधियों का मनोबल बहुत बढ़ चुका है। कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।
प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि सत्ताधारी गठबंधन के नेता भ्रष्टाचार और लूट में लिप्त हैं। राज्य सरकार पूरी तरह से संवैधानिक व्यवस्था से बेखबर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग कर सकती है, जिससे चुनाव निष्पक्ष नहीं हो पाएंगे। निर्वाचन आयोग से राज्य के संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की मांग की, साथ ही मतगणना स्थल और स्ट्रांग रूम पर भी सुरक्षा बढ़ाने का अनुरोध किया।
भाजपा की मांग को बताया हास्यास्पद
वहीं, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग पूरी जिम्मेदारी से चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जुटा हुआ है। उन्होंने भाजपा के केंद्रीय सुरक्षा बलों की मांग को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि एक ओर केंद्रीय गृह मंत्री झारखंड को नक्सल मुक्त घोषित कर सुरक्षा बलों की संख्या घटाने की बात कर रहे है। वहीं भाजपा केंद्रीय सुरक्षा बलों की मांग कर रही है।
उन्होंने भाजपा पर आचार संहिता उल्लंघन का भी आरोप लगाया। पाकुड़ नगर परिषद अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के समर्थन में भाजपा के चुनाव चिन्ह पहनकर भाजपा नेताओं की उपस्थिति को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने जनता से दूरी बनाई। अब चुनावों में इस व्यवहार का नतीजा भुगतना पड़ेगा।
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