RANCHI: राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में मरीजों के खाने पर आफत आ गई है। मरीज को भले ही बेड पर खाना उपलब्ध कराया जा रहा है। लेकिन, उनको दाल के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। मरीजों को दाल के लिए अपना बर्तन लाने को कहा जा रहा है। इस चक्कर में कई मरीज दाल से वंचित हो जा रहे हैं। वहीं भोजन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बता दें कि कुछ महीने पहले अस्पताल में नई एजेंसी को मरीजों के भोजन की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन व्यवस्था में कई खामियां सामने आ रही हैं।
मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि खाना बांटने के दौरान अव्यवस्था का आलम है। कई वार्डों में मरीजों को दाल लेने के लिए अपना बर्तन लाने को कहा जा रहा है। जिन मरीजों के पास अलग से बर्तन नहीं है, उन्हें दाल मिलने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा खाने की मात्रा को लेकर भी शिकायतें मिल रही हैं। मरीजों का कहना है कि पहले की तुलना में अब चावल की मात्रा कम दी जा रही है। वहीं खाना बेड तक पहुंचते-पहुंचते एक दूसरे से मिक्स हो जा रहा है।
वितरण के दौरान स्वच्छता पर ध्यान नहीं
भोजन वितरण के दौरान स्वच्छता को लेकर भी लापरवाही सामने आई है। किचन और वितरण में लगे कई कर्मचारी बिना मास्क और ग्लव्स के ही मरीजों को खाना परोसते देखे गए। अस्पताल जैसे स्थान पर इस तरह की लापरवाही संक्रमण का खतरा बढ़ा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पतालों में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, क्योंकि मरीज पहले से ही कमजोर स्थिति में होते हैं। ऐसे में साफ-सफाई जरूरी हैं।
व्यवस्था को बनाया जाएगा बेहतर
इस मामले में किचन मैनेजर मंगल ने कहा कि व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। अगर कहीं कोई कमी सामने आती है तो उसे जल्द सुधारने के निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही कहा कि दाल और खाने को लेकर तो हम लोग की तरफ से कोई दिक्कत नहीं है। कई बार मरीजों के परिजन दाल की कटोरी लौटाते ही नहीं। इसकी शिकायत प्रबंधन से की गई है। इसलिए हमलोग अपना बर्तन लाने को कहते है। जहां तक खाने में चावल की क्वांटिटी की बात है, तो इसे देखा जाएगा।
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