नई दिल्ली: दिल्लीवासियों के लिए शनिवार का दिन बेहद खास और ऐतिहासिक साबित हुआ, जब राजधानी में 101 साल बाद दिसंबर महीने में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों में दिल्ली में 41.2 मिमी बारिश हुई, जो 1923 के बाद इस महीने में एक दिन में हुई सबसे भारी बारिश है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इससे पहले 3 दिसंबर 1923 को दिल्ली में 75.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। यह बारिश न केवल सर्दी को बढ़ा रही है, बल्कि राजधानी की सड़कों पर जलभराव की स्थिति भी उत्पन्न कर रही है।
सर्दी और बारिश का मिश्रण: ठंड में भीगने का अनुभव
शनिवार को दिल्ली में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया। आसमान में बादल छाए रहे और दिनभर रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही। इस अचानक मौसम परिवर्तन से सर्दी और बारिश दोनों का सामना दिल्लीवासियों को करना पड़ा। बारिश के कारण दिन का तापमान थोड़ा ठंडा हुआ, लेकिन सुबह का न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से छह डिग्री अधिक था। मौसम विभाग ने इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई और अगले कुछ घंटों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया है।
वायु गुणवत्ता में सुधार
दिल्ली की वायु गुणवत्ता भी बारिश के चलते कुछ हद तक सुधरी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, शनिवार सुबह 9 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 152 था, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। यह इस बात का संकेत है कि दिल्ली में हाल के दिनों में गंभीर प्रदूषण की स्थिति में कुछ सुधार आया है। बारिश के कारण हवा में नमी बढ़ी, जिससे प्रदूषक कणों की संख्या में कमी आई और वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ।
सड़कों पर जलभराव से बढ़ी परेशानी
जहां एक तरफ बारिश से दिल्लीवासियों को राहत मिली, वहीं दूसरी तरफ इसके कारण सड़कों पर जलभराव ने लोगों की परेशानियों को और बढ़ा दिया। बारिश के कारण कई इलाकों में जलजमाव हो गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को लंबे समय तक ट्रैफिक जाम में फंसा रहना पड़ा। कई जगहों पर पानी जमा हो जाने से सड़कें दलदल में बदल गईं, जिससे पैदल चलने वालों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग ने जताई और बारिश की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। शनिवार की बारिश के बाद विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत अगले कुछ घंटों में और बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि, इसका असर दिल्ली में ठंड के स्तर को बढ़ा सकता है, जिससे लोग और अधिक ठंड महसूस कर सकते हैं।
दिल्ली में शनिवार को हुई रिकॉर्ड बारिश ने एक ओर जहां सर्दी बढ़ाई, वहीं दूसरी ओर प्रदूषण के स्तर में सुधार किया। हालांकि, सड़कों पर जलभराव और यातायात में रुकावट ने शहरवासियों की परेशानियां बढ़ा दीं। अब देखने वाली बात यह होगी कि आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति क्या रहती है और क्या दिल्ली के नागरिक इसके साथ तालमेल बैठा पाते हैं।

