रामगढ़ : झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने सोमवार को रामगढ़ दौरे के दौरान भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की वापसी पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने इसे झारखंड की राजनीति में उभर रहे नेताओं का कद छोटा करने की रणनीति करार दिया।
भाजपा के भीतर बड़ा खेल: रामदास सोरेन
रामदास सोरेन ने पत्रकारों से कहा, “यह भाजपा का आंतरिक मामला हो सकता है, लेकिन मेरी समझ में यह झारखंड के वरिष्ठ नेताओं का कद कम करने की एक बड़ी साजिश है।”
उन्होंने कहा कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद झारखंड में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए गंभीर हो गया है। “बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, चंपई सोरेन और मधु कोड़ा जैसे नेताओं को किनारे करने और उनका प्रभाव घटाने के लिए रघुवर दास को वापस लाया गया है।”
रघुवर दास की वापसी पर सवाल
रामदास सोरेन ने भाजपा पर झारखंड के नेताओं को पीछे धकेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह कदम भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा अपने राष्ट्रीय एजेंडे को साधने का प्रयास है। “भाजपा का यह फैसला साफ तौर पर यह दिखाता है कि पार्टी झारखंड के दिग्गज नेताओं को सबक सिखाने की तैयारी कर रही है।”
क्यों महत्वपूर्ण है यह बयान?
रामदास सोरेन का यह बयान उस वक्त आया है, जब झारखंड की राजनीति में रघुवर दास की सक्रियता एक बार फिर बढ़ रही है। झारखंड के क्षेत्रीय राजनीति में इस कदम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या यह भाजपा की नई रणनीति का हिस्सा है।
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