Jamshedpur : साहिबगंज में शहरी पेयजल आपूर्ति योजना के तहत बनाए गए वाटर प्लांट का 90% काम पूरा हो गया है। अब इसकी टेस्टिंग का काम चल रहा है। टेस्टिंग सकुशल संपन्न होने के बाद घरों में सीधे जलापूर्ति की जाएगी। अभी तक 19000 हाउसहोल्ड की तुलना में 8700 घरों में कनेक्शन दे दिया गया है। अन्य घरों में भी कनेक्शन देने का काम तेजी से चल रहा है। बताया जा रहा है कि टेस्टिंग का काम पूरा होने के बाद वाटर प्लांट को साहिबगंज नगर परिषद को हैंड ओवर कर दिया जाएगा।

डोशियन कंपनी को डाला गया था काली सूची में
इस वाटर प्लांट के निर्माण की शुरुआत साल 2011 में हुई थी। उस वक्त मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भाजपा के साथ गठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री थे। उन्होंने ही इस वाटर प्लांट का शिलान्यास किया था। गुजरात की डोशियन कंपनी वाटर प्लांट का निर्माण करा रही थी। इसका निर्माण कार्य काफी धीमा चल रहा था। इसे लेकर काम समय से पूरा नहीं होने पर नगर विकास विभाग ने कंपनी को काली सूची में डाल दिया था। वाटर प्लांट बनाने के लिए कंपनी को 30 करोड़ 86 लाख रुपए दिए गए थे।
परमार कंस्ट्रक्शन को दिया गया काम
डोशियन कंपनी के काली सूची में जाने के बाद इसका काम परमार कंस्ट्रक्शन को दिया गया। यह कंपनी भी समय पर काम पूरा नहीं कर सकी। इस कंपनी को वाटर प्लांट के निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपए दिए गए थे। बाद में तीसरी बार वाटर प्लांट का टेंडर किया गया और राजगिरी कंस्ट्रक्शन को कम मिला। राजगिरी कंस्ट्रक्शन को वाटर प्लांट का काम पूरा करने के लिए 69 करोड़ रुपए दिए गए।
हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव को दिए थे निर्माण कार्य पूरा करने के आदेश
बाद में समाजसेवी सिद्धेश्वर मंडल ने इस वाटर प्लांट के निर्माण कार्य को लेकर झारखंड हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने याचिका की सुनवाई के दौरान प्रदेश के मुख्य सचिव को इसका निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के आदेश दिए थे और हर 15 दिन में कार्य की प्रगति रिपोर्ट हाई कोर्ट में जमा करने को कहा था। साथ ही पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारी गोविंद कच्छप को सस्पेंड भी कर दिया गया था। इसके बाद इस वाटर प्लांट का निर्माण कार्य तेजी से शुरू हुआ है।
कार्यपालक अभियंता शशि शेखर ने बताया कि 90% से अधिक काम पूरा हो चुका है। इसकी टेस्टिंग की जा रही है। 10 प्रतिशत काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा। जहां-जहां पाइपलाइन की मिसिंग है, उसे ठीक किया जा रहा है। घरों में कनेक्शन दिए जा रहे हैं। नगर परिषद को मार्च के पहले हफ्ते में वाटर प्लांट को हैंड ओवर कर दिया जाएगा और इसके बाद शहर में पानी की सप्लाई शुरू की जाएगी।
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