प्रयागराज : महाकुंभ 2025 के आयोजन के साथ ही देश-विदेश से श्रद्धालुओं का भारी आगमन हो रहा है। इस धार्मिक मेले के दौरान सिर्फ प्रयागराज ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे अयोध्या और काशी में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। महाकुंभ में स्नान के बाद श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के विभिन्न मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर दर्शन करने पहुंचे हैं, जिससे इन स्थलों पर भी धार्मिक पर्यटन में वृद्धि हो रही है।
18 लाख श्रद्धालुओं का सैलाब, महाकुंभ के प्रभाव से बढ़ी आस्था
13, 14 और 15 जनवरी को स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने श्रृंगवेरपुर, चित्रकूट, वाराणसी, मां विंध्यवासिनी धाम, नैमिषारण्य और अयोध्या जैसे स्थानों पर दर्शन-पूजन किया। अब तक महाकुंभ में सात करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान और पूजा-अर्चना की है। अयोध्या में तीन दिन में लगभग 10 लाख, काशी विश्वनाथ मंदिर में 7.41 लाख, विंध्यवासिनी धाम में 5 लाख और नैमिषारण्य धाम में 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। महाकुंभ का असर न केवल धार्मिक आस्था पर पड़ रहा है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार में भी बढ़ोतरी हो रही है।
अयोध्या में श्रद्धालुओं का उमड़ता सैलाब
रामनगरी अयोध्या में इस बार खासा धार्मिक उन्माद देखने को मिल रहा है। रामलला के 500 वर्ष बाद विराजमान होने के बाद यहां भक्तों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। तीन दिन में 10 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं और रामलला सहित हनुमानगढ़ी के दर्शन के लिए लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई हैं। यहां की नगरी पूरी तरह राममय हो गई है और जय श्रीराम के उद्घोष के साथ श्रद्धालु अपनी आस्था की अभिव्यक्ति कर रहे हैं।
अयोध्या में श्रद्धालुओं के लिए की गई विशेष व्यवस्थाएं
अयोध्या में प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए खास इंतजाम किए गए हैं। सीएम योगी के निर्देशों पर आयुक्त गौरव दयाल, आईजी प्रवीण कुमार, जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह, एसएसपी राजकरण नैयर और नगर आयुक्त संतोष शर्मा समेत अन्य आलाधिकारी धर्मपथ, रामपथ और भक्तिपथ पर लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने जरूरतमंदों के लिए आश्रय स्थल भी तैयार किए हैं।
अयोध्या की सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। 26 फरवरी तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए शहर को पांच जोन और 12 सेक्टर में बांटकर पुलिस बल तैनात किया गया है। दो पालियों में पुलिस ड्यूटी की जा रही है और मुख्य स्नान पर्व के दौरान राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारी की अलग से ड्यूटी लगाई गई है। इसके अतिरिक्त पीएसी बल और बाढ़ राहत दल भी तैनात किए गए हैं। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यलो जोन में तीन पालियों में पुलिस और पीएसी बल की ड्यूटी लगाई गई है। सीसीटीवी कंट्रोल रूम से पूरे शहर की निगरानी की जा रही है।
काशी में भी श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा
प्रयागराज के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा है। 13 से 15 जनवरी के बीच यहां 7.41 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। काशी में 13 जनवरी को 2.19 लाख, 14 जनवरी को 2.31 लाख और 15 जनवरी को 2.90 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। काशी और अयोध्या दोनों ही स्थानों पर महाकुंभ का बड़ा प्रभाव पड़ा है, जिससे इन धार्मिक स्थलों की महत्वाकांक्षा और आस्था को नई ऊर्जा मिली है।
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