Ranchi (Jharkhand) : झारखंड सरकार ने भारतीय वन सेवा (IFS) के 1992 बैच के वरिष्ठ अधिकारी संजीव कुमार को राज्य का नया प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्सेज (PCCF-HOFF) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति पूर्व पीसीसीएफ अशोक कुमार के 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होने के बाद रिक्त चल रहे पद पर की गयी है। वर्तमान में संजीव कुमार प्रधान मुख्य वन संरक्षक (बंजर भूमि विकास प्राधिकार) के पद पर कार्यरत थे। सरकार ने वरिष्ठता और अनुभव को आधार बनाते हुए उन्हें वन विभाग के इस सर्वोच्च पद की जिम्मेदारी सौंपी है।

बिहार से करियर की शुरुआत
इस पद के लिए मुख्य दावेदारों में संजीव कुमार के अलावा परितोष उपाध्याय (वर्तमान पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ, जनवरी 2026 में रिटायर) और विश्वनाथ शाह शामिल थे। संजीव कुमार ने अपने करियर की शुरुआत बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से की थी। इसके बाद उन्होंने गुमला, जमुई, रांची, धनबाद, जमशेदपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) के रूप में कार्य किया। सिंहभूम क्षेत्र के चाईबासा में वन संरक्षक, हजारीबाग में क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक के पद पर भी उन्होंने सेवाएं दीं। वे कैम्पा और झारखंड राज्य जैव विविधता बोर्ड में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के रूप में भी कार्यरत रहे।
प्रमुख विशेषता
उनके कार्यकाल की प्रमुख विशेषता वन सुरक्षा समितियों के माध्यम से वनों की रक्षा और ग्रामीण विकास को जोड़ना रही है। संजीव कुमार का मानना है कि स्थानीय समुदाय को वनों से प्रत्यक्ष लाभ मिले बिना संरक्षण संभव नहीं। इसी दृष्टिकोण से उन्होंने राज्य के 1500 से अधिक गांवों में ‘वृक्ष रक्षाबंधन’ कार्यक्रम शुरू किया, जिसमें ग्रामीणों को पेड़ों से भावनात्मक जुड़ाव कराया गया।लाख और तसर की खेती को बढ़ावा देकर उन्होंने हजारों ग्रामीणों को रोजगार प्रदान किया। उनके इन योगदानों के लिए राज्य सरकार और विभिन्न संस्थाओं से कई सम्मान मिले हैं। साथ ही, उन्होंने देश-विदेश के सम्मेलनों में 100 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत कर वन संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

