RANCHI: 31 अक्टूबर को स्वतंत्र भारत के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर देशभर की नदियों से एकत्रित जल से नई दिल्ली स्थित उनकी प्रतिमा पर जलाभिषेक किया जाएगा। जल संगम से जन संगम कार्यक्रम के तहत यह जलाभिषेक होगा। इसे लेकर देश की 25 प्रमुख नदियों का जल भव्य कार्यक्रम आयोजित कर संग्रह किया जाना है। इसके तहत झारखंड की स्वर्णरेखा नदी से भी जल उठाया जाएगा और इसे अभिषेक के लिए दिल्ली भेजा जाएगा।
ट्रेन से भेजा जाएगा दिल्ली
जल संगम से जन संगम अभियान के तहत होने वाले इस आयोजन को लेकर कल 27 अक्टूबर को चुटिया स्थित सुरेश्वर महादेव मंदिर के समीप स्वर्णरेखा नदी से जल लिया जाना है। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रक्षा राज्य मंत्री सह रांची के सांसद संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। जल संग्रह का यह कार्यक्रम संपन्न होगा और उसके बाद ट्रेन के माध्यम से इसे दिल्ली ले जाया जाएगा।
सरदार पटेल की 150वीं जयंती
सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम पूरे देश की एकता और श्रेष्ठ का बोध कराने वाला भी होगा। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि सरदार पटेल ने जिस तरह से भारत की एकता को मजबूत किया। भारत को अखंड बनाया, यह आयोजन उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का कार्यक्रम है। 25 राज्यों से आए नदियों के जल से सरदार पटेल की प्रतिमा का जलाअभिषेक उनके प्रति हमारी कृतज्ञ श्रद्धांजलि है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र ने सरदार पटेल और उनके कार्यों को अभूतपूर्व सम्मान दिया है। देश का जन जन सरदार पटेल के जीवन से वाकिफ हो, इस उद्देश्य के साथ प्रत्येक वर्ष ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है।
स्वर्णरेखा का चुनाव रांची का सौभाग्य
उन्होंने कहा कि यह झारखंड और रांची का सौभाग्य है कि इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए स्वर्णरेखा नदी का चुनाव किया गया है। इन सभी नदियों का जल भारत की एकता, भारत की संस्कृति और भारत की श्रेष्ठता के साथ हर राज्य के लोगों की भावना के रूप में दिल्ली भेजा जाएगा। एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत इन सभी जलों से सरदार पटेल का जलाअभिषेक होगा। उन्होंने अधिक से अधिक आम नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व युवाओं से भी इस कार्यक्रम में सहभागिता निभाने का आग्रह किया है।

