Jamshedpur (Jharkhand) : जमशेदपुर के नॉर्दर्न टाउन स्थित उत्तर प्रदेश संघ के तत्वाधान में आगामी 23 से 31 दिसंबर तक मोतीलाल नेहरु पब्लिक स्कूल परिसर में संगीतमय श्री राम कथा का आयोजन किया गया हे। अयोध्या धाम से आ रहे पंडित जगदीश भूषण मिश्र व्यासपीठ से श्री राम कथा का रसपान कराएंगे। नौ दिन तक चलने वाली इस कथा के पहले दिन स्वर्णरेखा घाट मानगो से स्कूल परिसर तक गाजे-बाजे के साथ भव्य कलश यात्रा निकलेगी। कलश यात्रा प्रातः 9:00 बजे आरंभ होगी। यह जानकारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश दुबे ने दी। वे स्कूल परिसर में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
सुबह में नवान्ह परायण, दोपहर 3:00 बजे से श्री राम कथा
उन्होंने बताया कि प्रतिदिन पूर्वान्ह में श्री रामचरितमानस का काशी व प्रयागराज से आये विद्वानों द्वारा नवान्ह परायण होगा। साथ में सर्वतोभद्र, कलश, नवग्रह, षोडश मात्रिका वेदियों का पूजन इत्यादि सम्पन्न होगा। पंडित जगदीश भूषण मिश्र दोपह 3:00 बजे से नौ दिन तक श्री राम कथा वाचन करेंगे।
नौ दिन में किस दिन कौन सी कथा
इसमें पहले से नौवें दिन तक क्रमशः श्री राम कथा की महिमा, सती चरित्र, शिव पार्वती विवाह, रामजन्मोत्सव, बाल लीला, धनुषयज्ञ, श्री सीता राम विवाह, वनगमन, केवट प्रेम, भरत चरित्र, शबरी प्रेम, हनुमत चरित्र, सीता खोज, रावण वध, एवं राम राज्याभिषेक का वर्णन क्रमशः कर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध करेंगे।
छात्रों को सुसंकृत करना उद्देश्य : अखिलेश दुबे
उन्होंने बताया कि हर वर्ष सफलतापूर्वक श्रीमद्भागवत कथा के बाद अब इस बार श्री राम कथा का आयोजन किया जा रहा है। संघ की ओर से संचालित मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल भले ही अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा देता है। लेकिन अपने छात्रों को अपने संस्कार व संस्कृति से जोड़ कर रखने के लिए भी समय-समय पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में इस बार श्री राम कथा का आयोजन किया गया है। अखिलेश दुबे ने बताया कि श्री राम कथा का प्रतिदिन यू-ट्यूब एवं फेसबुक पर भी लाइव प्रसारण होगा।
नई पीढ़ी को श्री राम का चरित्र बताना जरूरी : डॉ. डीपी शुक्ल
संघ के महासचिव डॉ. डीपी शुक्ल ने बताया कि सनातन संस्कृति को अक्षुण्य रखने के लिए सभी सदस्य, स्कूल प्रबंधन, शिक्षक, विद्यार्थी एवं जमशेदपुर की धर्मानुरागी जन मानस इसमें शामिल होंगे। प्रत्येक दिन कथा के दौरान रामायण के विभिन्न मुख्य दृश्यों की झांकी भी दिखाई जायेगी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों के दौरान आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से हमने मृत्यु के विज्ञान को जाना। लेकिन, आज के दौर में बच्चों में अवसाद व हतोत्साह, बढ़ते वृद्धाश्रमों की संख्या आदि को देखते हुए श्री राम कथा का आयोजन प्रासंगिक हो जाता है। इस आयोजन में संघ के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों, शिक्षकों-शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों के अलावा अन्य स्कूलों के शिक्षकों व विद्यार्थियों को भी आमंत्रित किया गया है। इसका उद्देश्य सभी को भगवान राम के संघर्ष से रू-ब-रू कराना है। ताकि, वे समझ सकें कि भगवान श्री राम तमाम कठिनाइयों का सामना करने के बाद भी कभी हार नहीं मानी। अपने जीवन में निरंतर आगे बढ़ते रहे और माता-पिता के प्रति आदर व श्रद्धाभाव व भक्ति का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
ये थे उपस्थित
प्रेसवार्ता में रवि दुबे, ओंकारनाथ सिंह, ललन प्रसाद राय, शिवशंकर मिश्रा, उमाशंकर, तरुणकान्त, विनोद सिंह, बीएन दुबे एवं सदस्यगण उपस्थित थे।

