नई दिल्ली : केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरन रीजीजू ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 पेश करते हुए कहा कि यदि कांग्रेस सरकार के शासनकाल में वक्फ संपत्तियों का सही तरीके से प्रबंधन किया गया होता, तो न सिर्फ मुसलमानों की बल्कि पूरे देश की तकदीर बदल सकती थी।
वक्फ विधेयक के महत्व को बताया
किरेन रीजीजू ने स्पष्ट किया कि इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन सही तरीके से करना है, न कि किसी धार्मिक संस्था के कामकाज में हस्तक्षेप करना। उन्होंने इस विधेयक के खिलाफ विपक्षी दलों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “1995 में जब व्यापक वक्फ कानून आया था, तब किसी ने इसे असंवैधानिक नहीं कहा था। अब जब हम इसे सुधारने जा रहे हैं, तो यह असंवैधानिक क्यों हो गया?”
कांग्रेस पर हमला
रीजीजू ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि यदि वक्फ संशोधन विधेयक लागू नहीं किया जाता, तो दिल्ली वक्फ बोर्ड के पास संसद भवन जैसी महत्वपूर्ण संपत्तियां चली जातीं। उन्होंने याद दिलाया कि 2013 में संप्रग सरकार के द्वारा दिल्ली वक्फ बोर्ड को 123 प्रमुख संपत्तियां सौंप दी गई थीं, जिनमें संसद भवन और सीजीओ कॉम्प्लेक्स जैसी इमारतें शामिल थीं।
वक्फ संपत्तियों का बेहतरीन प्रबंधन जरूरी
विधेयक की जरूरत को बताते हुए उन्होंने कहा कि आज भारत में सबसे अधिक वक्फ संपत्ति है, लेकिन इतने सालों में इसका सही प्रबंधन नहीं हुआ। 2006 में देश में कुल 4.9 लाख वक्फ संपत्तियां थीं, जिनसे केवल 163 करोड़ रुपये की आय हुई थी। इसके बाद 2013 में कानून में बदलाव हुआ, लेकिन आय में महज तीन करोड़ रुपये की बढ़ोतरी ही हो सकी।
महिलाओं और बच्चों के अधिकारों का संरक्षण
रीजीजू ने विधेयक में एक महत्वपूर्ण प्रावधान की जानकारी दी, जिसके तहत वक्फ संपत्ति बनाने से पहले महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना जरूरी होगा। इसके साथ ही आदिवासी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने पर रोक होगी।
विपक्ष से विधेयक का समर्थन करने की अपील
केंद्रीय मंत्री ने विपक्षी दलों से विधेयक का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा, “देश सदियों तक याद रखेगा कि किसने इस विधेयक का समर्थन किया और किसने नहीं। विपक्ष ने हमेशा मुसलमानों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है और अब समय है इसे खत्म करने का।”
कुल मिला कर देखा जाये, तो किरेन रीजीजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मुसलमानों के हित में काम हो रहा है और अगर वक्फ संपत्तियों का सही तरीके से प्रबंधन किया जाता तो यह समाज और देश की तकदीर बदल सकता था। उन्होंने अंत में यह भी कहा कि वक्फ बोर्ड को धर्मनिरपेक्ष और समावेशी तरीके से चलाया जाएगा, जिसमें सभी समुदायों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

