Jamshedpur : टाटानगर रेलवे स्टेशन से कीताडीह जाने वाली रोड पर गुरुवार को रेलवे का बुलडोजर गरजा। यह बुलडोजर आरपीएफ की टीम लेकर गई थी। अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी तरह का बवाल न हो इसके लिए भारी संख्या में पुलिस जवान भी तैनात किए गए थे।

रेल पथ निरीक्षक की निगरानी में अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू हुआ और 24 से अधिक दुकानें तोड़ दी गईं।
गौरतलब है कि एक दिन पहले बुधवार को आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने किताडीह रोड पर लाउडस्पीकर से ऐलान कर दिया था कि जिन लोगों ने यहां अवैध दुकानें बना ली हैं। वह अपनी-अपनी दुकानें हटा लें। एलान किए जाने के बावजूद किसी दुकानदार ने अपनी दुकानें नहीं हटाई थीं। इसके बाद गुरुवार को दुकानों पर बुलडोजर चला दिया गया।
42 दिन के अंदर दुकानदारों की करनी है वैकल्पिक व्यवस्था
बताया जा रहा है कि 22 जनवरी को इस मामले में हाईकोर्ट ने रेलवे को आदेश दिया था कि कीताडीह रोड पर बसे दुकानदारों को जब तक वैकल्पिक जगह नहीं दी जाती तब तक उन पर बुलडोजर नहीं चलाया जाए। दुकानदारों को एक माह की मोहलत दी गई थी। साथ ही रेलवे को 42 दिनों के अंदर वैकल्पिक स्थान चिन्हित कर दुकानदारों को वहां बसाने का आदेश दिया गया था। बताया जा रहा है कि समय-सीमा पूरी होने पर रेलवे को रिपोर्ट भी दाखिल करनी है। लेकिन अब तक रेलवे ने दुकानदारों को वैकल्पिक स्थान नहीं दिया है।
20 मार्च को हाई कोर्ट में होनी है सुनवाई
इस मामले की 20 मार्च को हाई कोर्ट में सुनवाई होगी। वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से दुकानदार नाराज हैं। उनका कहना है कि रेलवे यह वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करना चाहता। इसीलिए उसने कोई कदम नहीं उठाया है। जिला प्रशासन का कहना है कि बुलडोजर चलाने की कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की गई है। आगे भी अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रहेगा।
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