RANCHI: झारखंड की सियासत इन दिनों काफी गरमाई हुई है और कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद तेजस्वी यादव का यह पहला झारखंड दौरा था। रविवार को रांची पहुंचने के बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं संग मंथन किया। झारखंड में पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने की दिशा में भी कदम उठाने का निर्देश दिया। कार्निवल बैंक्वेट में उन्होंने पार्टी को झारखंड में हर स्तर पर मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं से एकजुट होने का आह्वान किया।
एक घंटा पार्टी को दें कार्यकर्ता
अभिनंदन समारोह में राज्यभर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। इस दौरान तेजस्वी यादव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन की मजबूती ही चुनावी सफलता की कुंजी है और इसके लिए हर कार्यकर्ता को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता रोज कम से कम एक घंटा पार्टी को दें और जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाएं। तेजस्वी यादव ने आगामी परिसीमन का जिक्र करते हुए कहा कि झारखंड में विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में राजद को अभी से सभी संभावित सीटों पर अपनी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में पार्टी पूरे राज्य में मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी।
सरकार में आरजेडी सहयोगी की भूमिका में
झारखंड के राजनीतिक सरगर्मी के बीच तेजस्वी यादव का दौरा कई राजनीतिक संकेत दे रहा है। माना जा रहा है कि उनका यह दौरा न केवल संगठन को मजबूत करने बल्कि गठबंधन को एकजुट बनाए रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि झारखंड में राजद, हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार में सहयोगी की भूमिका निभा रही है और गठबंधन पूरी तरह मजबूत है। केंद्र की राजनीति पर निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि आने वाले समय में देश में राजद के नेतृत्व में सरकार बनने की संभावना है। बिहार के संदर्भ में उन्होंने आरोप लगाया कि जनता का जनादेश उनके पक्ष में था, लेकिन सरकारी तंत्र के दुरुपयोग के जरिए एनडीए ने सत्ता हासिल की।
इनकी रही मौजूदगी
मौके पर शक्ति सिंह यादव, संजय सिंह यादव, जयप्रकाश यादव, सुरेश पासवान, संजय प्रसाद यादव, सत्यानंद भोक्ता, रंजन यादव, अनिता यादव और रश्मि सिन्हा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

