पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने अपनी रणनीति को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी यादव ने पार्टी के टिकट बंटवारे को लेकर साफ संदेश दिया है कि आगामी चुनाव में ऐसे नेताओं को टिकट नहीं दिया जाएगा जिनकी छवि अपराधी या बाहुबली के तौर पर हो।
तेजस्वी यादव का स्पष्ट संदेश
तेजस्वी यादव ने कहा, “हमारी पार्टी ने निर्णय लिया है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में किसी भी ऐसे नेता को टिकट नहीं देंगे जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हों या फिर जिनकी पहचान जनता के बीच बाहुबली या अपराधी की हो।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी का उद्देश्य ऐसे उम्मीदवारों को उतारने का नहीं है जिनकी छवि विवादों से घिरी हो।
लालू प्रसाद यादव के साथ तेजस्वी का बढ़ता कद
यह घोषणा पार्टी के अंदर एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है, क्योंकि अब आरजेडी के सारे फैसले लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के हाथों में होंगे। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह से जुड़े सारे महत्वपूर्ण फैसले अब लालू यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव मिलकर लेंगे। इस निर्णय से यह साफ हो गया है कि तेजस्वी अब पार्टी में एक अहम भूमिका निभा रहे हैं और अपने पिता की उत्तराधिकारी की भूमिका में दिख रहे हैं।
नीतीश कुमार पर तेजस्वी का हमला
तेजस्वी यादव ने यह बड़ा ऐलान मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह पर हमले के बाद किया। बुधवार को अनंत सिंह पर हुए हमले के बाद तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि उनकी सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है। तेजस्वी ने कहा, “कुछ समय पहले मुख्यमंत्री ने जिन दो लोगों को अपने कलम से बाहर निकाला, वे दोनों अपराधी हैं।” तेजस्वी ने यह भी कहा कि जब मोकामा जैसे इलाके में 200-200 राउंड गोलियां चलती हैं तो उसका जिम्मेदार कौन है?
मोकामा हमले के बाद तेजस्वी का कड़ा रुख
अनंत सिंह पर हुए हमले के बाद तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से यह सवाल पूछा था कि इस तरह की घटनाओं के लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के पास गृह विभाग है और उन्हें इस घटना पर स्पष्ट बयान देना चाहिए। इसके बाद ही तेजस्वी ने आरजेडी के टिकट बंटवारे को लेकर यह कड़ा कदम उठाया है, जिससे पार्टी में हलचल मच गई है।
नए नियमों से पार्टी में खलबली
तेजस्वी के इस फैसले से आरजेडी में नए नियम लागू हो गए हैं, जो पार्टी के अंदर हलचल का कारण बने हैं। तेजस्वी यादव का यह कदम आने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी की छवि सुधारने और अपराधीकरण से दूर रहने के संकेत दे रहा है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, लेकिन तेजस्वी का उद्देश्य साफ है कि वह पार्टी को साफ सुथरी छवि वाले उम्मीदवारों के साथ चुनावी मैदान में उतारना चाहते हैं।
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