- लोकेशन ट्रैक न हो, इसलिए तोड़ दिया था मोबाइल और सिम कार्ड
- लड़के के बहकावे में आकर घर से निकली थी दोनों बहनें
- छोटी बहन मदद करने के लिए गई थी बड़ी बहन के साथ
- फर्जी निकली अपहरण की बात, परिजनों ने दर्ज कराई थी एफआईआर
- आरोपियों के पास से एक ऑल्टो कार, एक स्कूटी, पांच मोबाइल, जाली व ओरजिनल आधार कार्ड बरामद
रांची : राजधानी रांची के हिंदीपीढ़ी थाना क्षेत्र के सेंट्रल स्टेट की रहने वाली दो सगी बहनें (20 साल की रहनुमा परवीन व 18 साल की अमरीन परवीन) की रहस्यमय तरीके से गायब होने के मामले का गुरुवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। दोनों बहनें सोची-समझी रणनीति के तहत घर से भागी थीं। मामला प्रेम-प्रसंग का है। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मो. इस्माइल, जुनैद आलम, मजहर आलम, इमरान खान और काशिद फिरोज शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से एक ऑल्टो कार, एक स्कूटी, पांच मोबाइल और जाली व ओरजिनल आधार कार्ड बरामद किया है। पूरे मामले की जानकारी डीआईजी- -सह-एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने को प्रेस कांफ्रेंस में की।
डीआईजी ने बताया कि दोनों बहनें प्रेम-प्रसंग की वजह से घर से भागी थीं। पुलिस इनका लोकेशन न ट्रैक कर पाए, इसलिए दानों ने अपना मोबाइल और सिम कार्ड तोड़कर फेंक दिया था। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि सभी एक-दूसरे को पहले से जानते हैं। दोनों बहनें कुछ स्पष्ट नहीं बता रही हैं।
कर्नाटक का रहने वाला प्रेमी ही है मास्टरमाइंड
डीआईजी ने बताया मो. इस्माइल इस मामले का मास्टरमाइंड है। वह कर्नाटक के रायचूर का रहने वाला है। रहनुमा परवीन का मो. इस्माइल के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। ददोनों शादी करना चाहते थे। इसलिए उसने अपहरण की झूठी साजिश रची। उसी के कहने पर बड़ी सफाई से घटना को अंजाम दिया गया। रहनुमा परवीन की छोटी बहन अमरीन परवीन दोनों की मदद करने के लिए साथ में फरार हुई थी। जुनैद आलम, मजहर आलम, काशिद फिरोज, इमरान खान ने दोनों बहनों को भगाने में मदद की थी। डीआईजी ने बताया कि जुनैद आलम, मजहर आलम और काशिद फिरोज रांची के हिंदपीढ़ी थाना क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। इमरान खान गढ़वा के नगर उंटारी का रहने वाला है।
ओरमांझी से घर में फोन कर बताई अपहरण की बात
डीआईजी ने बताया कि केस का खुलासा करने के लिए एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी को अनुसंधान के क्रम में पता चला कि दोनों बहनें आधार कार्ड में करेक्शन कराने के नाम पर घर से निकलीं। इसके बाद मंगल टावर पहुंची। वहां से एक लड़के के साथ ऑल्टो कार में बूटी मोड़ होते हुए ओरमांझी पहुंचीं। इसके बाद घर में फोन कर अपहरण की झूठी कहानी बताई। फिर फोन को स्विच ऑफ कर लिया। इसके बाद सिकिदिरी के रास्ते रामगढ़ के चितरपुर पहुंचीं। यहां रेलवे स्टेशन से दोनों ने ट्रेन पकड़ा। इसके बाद वहां से कोडरमा, वाराणसी होते हुए कर्नाटक गईं।
कर्नाटक केरल बॉर्डर पर पकड़ा गया मास्टरमाइंड
रांची पुलिस की स्पेशल टीम ने कार्रवाई पूरा पता लगाने के बाद दोनों को कर्नाटक-केरल बॉर्डर से बरामद कर लिया। साथ ही मुख्य आरोपी मो. इस्माइल को भी दबोच लिया। इसके बाद सभी को लेकर पुलिस बुधवार रात को रांची पहुंची। बता दें कि डीआईजी-सह- रांची एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने मामले की जांच के लिए कर्नाटक के एडीजी और कोप्पल के एसपी से सहयोग मांगा था।
कई एक्सपे्रस ट्रेनों को किया गया था सर्च
डीआईजी ने बताया कि दोनों बहनों की ट्रेन से भागने की जानकारी मिलने पर जांच का निर्देश दिया गया था। इसके बाद रांची पुलिस और आरपीएफ की टीम ने बनारस (उप्र), नागपुर (महाराष्ट्र), पुणे, हुवली (कर्नाटक) के रेलवे स्टेशन और शक्तिपुंज एक्सप्रेस, पलामू एक्सप्रेस, हुवली एक्सप्रेस, कमायनी एक्सप्रेस, मंडपम एक्सप्रेस, गंगावती ट्रेन को सर्च किया था। डीआईजी ने बताया कि पुलिस आरोपियों तक न पहुंचे, इसलिए मो. इस्माइल ने दोनों का मोबाइल और सिम कार्ड तोड़कर फेंक दिया था। दोनों बहनें वाई-फाई की मदद से मोबाइल चला रही थीं।
पुलिस को मिले थे अहम सुराग
डीआईजी ने बताया कि दोनों बहनों के गायब होने पर उनके चाचा ने केस दर्ज कराया था। चंदन कुमार सिन्हा ने गायब बहनों को ढूंढने के लिए एसआईटी का गठन किया था। जांच के दौरान दोनों बहनों का अंतिम लोकेशन ओरमांझी में पाया गया था। इसके आधार पर पुलिस ने ओरमांझी जाकर छानबीन भी की थी। कई सीसीटीवी फुटेज को खंगाल गया था। पूछताछ में कई जानकारियां सामने आई थीं। इसके आधार पर रांची पुलिस की एक टीम कर्नाटक गई थी। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों बहनों को बरामद कर लिया गया है।
11 जनवरी से गायब थीं दोनों बहनें
गौरतलब है कि 11 जनवरी को दोपहर 12.30 बजे दोनों बहनें कांटाटोली स्थित मंगल टावर जाने के लिए निकली थीं। लौटने के दौरान दोपहर 1.20 बजे एक बहन ने अपने चाचा को फोन कर बताया कि उन्हें कहीं और ले जाया जा रहा है। ऑटो चालक ने उनका पर्स और मोबाइल भी छीन लिया है। इसके बाद फोन कट गया। युवतियों के पिता ने दोबारा कॉल बैक भी किया। लेकिन, फोन स्विच ऑफ बता रहा था।
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे मंत्री इरफान अंसारी
मंगलवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी लापता सगी बहनों के घर पहुंचे थे। पीड़ित परिवार से मिलकर ढांढ़स बंधाया था। इरफान अंसारी ने पीड़ित परिवार को दोनों बहनों को 72 घंटे के अंदर ढूढ़कर वापस लाने का आश्वासन दिया था।

