
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला गोपनीय कार्यालय स्थित प्रकोष्ठ से उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले की शैक्षणिक व्यवस्था की समीक्षा एवं आवश्यक दिशा-निर्देशों को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में भौतिक रूप से जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार एवं जिला शिक्षा अधीक्षक प्रवीण कुमार उपस्थित रहे, जबकि आभासी माध्यम से जिले के विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में उपायुक्त ने जिले की शैक्षणिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुख बनाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आगामी मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों का बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करना सभी शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर नियमित शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों के मूल्यांकन, शिक्षकों की जवाबदेही एवं बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।
मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारी को लेकर विशेष निर्देश
उपायुक्त ने कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर नियमित जांच परीक्षा एवं मूल्यांकन कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट परख के माध्यम से विद्यार्थियों की तैयारी को व्यवस्थित एवं परिणामोन्मुख बनाया जाए। विद्यार्थियों को प्रतिदिन बहुविकल्पीय प्रश्नों का अभ्यास कराया जाए तथा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड एवं झारखंड अधिविद्य परिषद की बोर्ड परीक्षाओं के पुराने प्रश्नपत्रों के आधार पर नियमित चर्चा एवं अभ्यास सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रतिदिन महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्नों को विद्यालयों के व्हाट्सऐप समूहों एवं सामूहिक संदेश प्रसारण के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाए, ताकि विद्यार्थी विद्यालय के अतिरिक्त घर पर भी मोबाइल के माध्यम से नियमित अभ्यास कर सकें। कक्षा दसवीं एवं बारहवीं के विद्यार्थियों को जल्द ही अध्ययन पुस्तिका उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने तथा पूर्व में उपलब्ध कराए गए प्रश्नपत्रों का पूर्ण अभ्यास सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने आगामी मैट्रिक परीक्षा को ध्यान में रखते हुए कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों की तैयारी अभी से प्रारंभ करने का निर्देश दिया। साथ ही बेहतर प्रदर्शन की संभावना रखने वाले विद्यार्थियों को चिह्नित कर उनके लिए विशेष शैक्षणिक मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त तैयारी की व्यवस्था करने को कहा।
विद्यार्थियों की उपस्थिति और शैक्षणिक अनुशासन पर विशेष जोर
बैठक में उपायुक्त ने बोर्ड परीक्षा का आवेदन पत्र भरने के लिए विद्यार्थियों की न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों की उपस्थिति निर्धारित मानक से कम है, उनके लिए नियमानुसार अलग से परीक्षा आयोजित करने की व्यवस्था की जाएगी। इसमें उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को नियमानुसार बोर्ड परीक्षा का आवेदन भरने का अवसर प्रदान किया जाएगा। उन्होंने विद्यालयों में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले गृहकार्य की नियमित समीक्षा करने तथा उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन योजना एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों से संबंधित शिक्षा सचिव द्वारा निर्धारित सभी मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मासिक समीक्षा में जिले की शैक्षणिक स्थिति बेहतर एवं संतोषजनक रहनी चाहिए।
बी.एड. एवं डी.एल.एड. प्रशिक्षुओं तथा डीएमएफटी शिक्षकों की भूमिका होगी महत्वपूर्ण
बैठक में बी.एड. एवं डी.एल.एड. प्रशिक्षुओं के शिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बताया कि नवंबर, दिसंबर एवं जनवरी यानी तीन माह के लिए आवंटित विद्यालयों में प्रशिक्षुओं का योगदान कराया गया है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को विद्यालय आवंटन एवं प्रशिक्षण से जुड़े सभी कार्यों में बेहतर समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने डीएमएफटी शिक्षकों के अक्टूबर माह के वेतन का भुगतान दीपावली से पूर्व सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके लिए सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को अगले दिन तक वेतन विपत्र जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में जमा करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि डीएमएफटी शिक्षकों एवं बी.एड. प्रशिक्षुओं को आवश्यकता के अनुरूप विभिन्न विद्यालयों में पदस्थापित किया गया है। आगामी दो महीनों में इनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। सभी संबंधित शिक्षक मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों की परीक्षा तैयारी पर विशेष ध्यान दें, ताकि बोर्ड परीक्षा में जिले का परिणाम बेहतर हो सके। इसके साथ ही उन्होंने सभी प्रखंड संसाधन केंद्र समन्वयकों एवं संकुल संसाधन केंद्र समन्वयकों को कार्यालयीन कार्यों के अतिरिक्त प्रत्येक सप्ताह कुछ कक्षाएं लेने का निर्देश दिया, जिससे उनके अनुभव एवं शैक्षणिक सहयोग का लाभ सीधे विद्यार्थियों को मिल सके।
निर्वाचक साक्षरता क्लब के माध्यम से मतदाता जागरूकता गतिविधियों का होगा आयोजन
बैठक में निर्वाचक साक्षरता क्लब की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने विद्यालयों में खेलकूद, प्रश्नोत्तरी एवं निबंध प्रतियोगिताओं के माध्यम से मतदाता जागरूकता बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 9 एवं 10 नवंबर को विद्यालयों में मतदाता जागरूकता गतिविधियां, 10 एवं 11 नवंबर को मतदान केंद्र स्तर पर मतदाता जागरूकता कार्यक्रम तथा 12 एवं 13 नवंबर को प्रभात फेरी आयोजित करने को कहा। उन्होंने कक्षा बारहवीं तक के ऐसे विद्यार्थियों की पहचान करने का भी निर्देश दिया, जो नए मतदाता बनने की पात्रता रखते हैं, लेकिन अभी तक मतदाता सूची में पंजीकरण से वंचित हैं। इसके लिए विद्यालय स्तर पर विशेष पहल एवं समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया।
प्रयोगशालाओं का उपयोग एवं विद्यालयों में संसाधनों की उपलब्धता
विद्यालयों में स्थापित प्रयोगशालाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि प्रयोगशालाओं में उपलब्ध सभी उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित करते हुए विद्यार्थियों को नियमित रूप से प्रायोगिक कार्य कराया जाए। जिन विद्यालयों में प्रयोगशालाओं का उपयोग नहीं हो रहा है, उन्हें चिह्नित किया जाए। साथ ही जिन विद्यालयों में उपकरण अनुपयोगी पड़े हैं, वहां उपलब्ध संसाधनों की आवश्यकता के अनुसार दूसरे विद्यालयों में स्थानांतरण की संभावना पर कार्रवाई की जाए, ताकि सभी विद्यार्थियों को प्रायोगिक शिक्षा का लाभ मिल सके। उन्होंने विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जल शुद्धिकरण यंत्र की व्यवस्था करने की बात कही। जिले को जल शुद्धिकरण यंत्र उपलब्ध होते ही सभी विद्यालयों में आवश्यकतानुसार उनका वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
आधार कार्ड, साइकिल एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा
उपायुक्त ने विद्यार्थियों के आधार कार्ड से संबंधित लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के लिए विद्यालयों में प्रतिदिन आधार शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया। जिन विद्यालयों में आधार पंजीकरण एवं अद्यतन का कार्य अधूरा है, वहां विशेष शिविर लगाकर सभी लंबित मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा पात्र विद्यार्थियों को साइकिल उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने तथा विद्यार्थियों के लिए कपड़ा एवं अन्य संबंधित सामग्रियों की उपलब्धता और वितरण की स्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया।
विद्यालयों के निरीक्षण एवं शिक्षकों की कमी दूर करने पर जोर
उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को नियमित रूप से विद्यालयों का भ्रमण एवं निरीक्षण करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, कक्षाओं के संचालन, गृहकार्य, शैक्षणिक गतिविधियों तथा विद्यालय की समग्र व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा। उन्होंने विशेष रूप से एकल शिक्षक वाले विद्यालयों एवं शिक्षकों की कमी से प्रभावित विद्यालयों की पहचान कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिन विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है, वहां के प्रधानाध्यापक अपनी आवश्यकता के अनुरूप आवेदन उपलब्ध कराएं, ताकि प्राप्त आवेदनों के आधार पर आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में आवश्यकता के अनुसार बी.एड. प्रशिक्षुओं, डीएमएफटी शिक्षकों तथा सरकारी प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों एवं स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से शिक्षण कार्य की व्यवस्था की जाए।
जर्जर विद्यालय भवनों के स्थान पर नए भवनों का निर्माण
विद्यालयों के आधारभूत विकास की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिन विद्यालयों के जर्जर भवन तोड़े जा चुके हैं, वहां नए भवनों के निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। शेष जर्जर विद्यालय भवनों को भी चिह्नित कर नियमानुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस संबंध में शीघ्र ही संबंधित पत्र एवं आदेश जारी किए जाएंगे। उन्होंने विद्यालयों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं एवं संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की अपील, दीपावली एवं छठ की दी शुभकामनाएं
बैठक के अंत में उपायुक्त मनीष कुमार ने सभी शिक्षकों, डीएमएफटी शिक्षकों तथा बी.एड. एवं डी.एल.एड. प्रशिक्षुओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग एवं सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाएं तथा जरूरत पड़ने पर बिना विलंब अस्पताल से संपर्क करें।
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