
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर शहर में बढ़ रही चोरी की वारदातों पर चक्रधरपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कुख्यात चोरों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस ने न केवल चोरी के दो अलग-अलग मामलों का पर्दाफाश किया है, बल्कि आरोपियों के पास से चुराए गए सोने के जेवरात भी बरामद किए हैं। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।
कैसे हत्थे चढ़े आरोपी?
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 30 जून 2026 को पुराना बस्ती के रहने वाले बासुदेव प्रधान ने अपने घर में हुई चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि अज्ञात बदमाशों ने घर में सेंध लगाकर सोने की चेन और अंगूठी समेत कई कीमती सामान पार कर दिए हैं। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एएसपी सह एसडीपीओ डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी अवधेश कुमार की अगुवाई में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने अत्याधुनिक तकनीकों (फॉरेंसिक व साइंटिफिक साक्ष्यों) और गुप्तचरों की मदद से जांच आगे बढ़ाई।इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर पुराना बस्ती निवासी साकेत रजक (25 वर्ष) और कुम्भाटोली निवासी मंगरा मुण्डा (24 वर्ष) को हिरासत में लिया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
दूसरी चोरी में भी संलिप्तता कबूली
आरोपियों ने स्वीकार किया कि बासुदेव प्रधान के घर के अलावा, वे 23 जून 2026 को हुई एक अन्य चोरी की वारदात (कांड संख्या 72/2026) में भी शामिल थे।
चोरी के गहने बरामद, पुराना आपराधिक इतिहास
दोनों बदमाशों की निशानदेही पर पुलिस ने एक सोने जैसी गले की चेन और दो टूटी हुई सोने जैसी चूड़ियां बरामद की हैं।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार साकेत रजक और मंगरा मुण्डा, दोनों ही आदतन अपराधी हैं। साकेत के खिलाफ पहले से भी चोरी के कई मामले दर्ज हैं, वहीं मंगरा मुण्डा का भी पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
चोरी के मामलों के त्वरित खुलासे में एसडीपीओ डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी और थाना प्रभारी अवधेश कुमार के अलावा राम प्रताप सिंह, सुनील कुमार पाण्डेय, बिरबल चौबे, दिलीप कुमार और थाना बल के अन्य जवानों की मुख्य भूमिका रही।

