
रांची : वियतनाम में सड़क दुर्घटना का शिकार हुए रांची के योग शिक्षक स्वर्गीय राजा कुमार वर्मा के पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने की प्रक्रिया अब तेज हो गई है। दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार को ढाढस बंधाने और प्रशासनिक प्रक्रिया को गति देने के लिए रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ खुद आगे आए हैं। उन्होंने नई दिल्ली में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से मुलाकात कर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
सदमे में परिवार, अंतिम संस्कार के लिए अपनों का इंतजार
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने विदेश मंत्री को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि वियतनाम में हुए अचानक हादसे ने राजा कुमार वर्मा के परिजनों को तोड़कर रख दिया है। घर के चिराग को खो चुका परिवार इस समय भारी मानसिक पीड़ा से गुजर रहा है। परिजनों की बस एक ही गुहार है कि उनके बेटे का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द रांची लाया जाए, ताकि वे रीति-रिवाज के साथ उसकी अंतिम विदाई कर सकें।
कागजी उलझनों को दूर करने का आग्रह
विदेश में हुए हादसे के बाद पार्थिव शरीर को भारत लाने में कई तरह की कूटनीतिक और प्रशासनिक औपचारिकताओं से गुजरना पड़ता है। संजय सेठ ने विदेश मंत्री से विशेष अनुरोध किया कि कागजी कार्रवाई को जितना हो सके सरल और तेज बनाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार के लिए यह स्थिति बेहद दर्दनाक होती है, ऐसे में जटिल कागजी नियम उनके दुख को और न बढ़ाएं। इसलिए भारतीय दूतावास और वियतनाम प्रशासन के बीच सीधा तालमेल बैठाया जाना जरूरी है।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए हरसंभव मदद की गारंटी दी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी औपचारिकताएं बिना किसी रुकावट के पूरी की जाएं। विदेश मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो पूरी कोशिश की जा रही है कि शनिवार से पहले पार्थिव शरीर को भारत पहुंचा दिया जाए। सरकार के इस सकारात्मक रुख के बाद बेबस परिजनों को अपनों के अंतिम दर्शन की उम्मीद जागी है।

