
हैदराबाद: भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विलमोर ने इस साल के पहले दिन अंतरिक्ष में नए साल का स्वागत किया। ये दोनों अंतरिक्ष यात्री कई महीनों से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर रहकर पृथ्वी से दूर अंतरिक्ष में फंसे हुए हैं। इस अद्भुत अनुभव के दौरान, उन्होंने और उनके अन्य क्रू मेंबर्स ने अंतरिक्ष से पृथ्वी के कुछ ऐसे दृश्य देखे, जो धरती पर किसी को भी नसीब नहीं होते।
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से 16 सूर्योदय और सूर्यास्त का अद्भुत दृश्य
ISS से एक दिन में कई सूर्योदय और सूर्यास्त देखना एक असामान्य दृश्य है, जिसे केवल अंतरिक्ष यात्री ही महसूस कर सकते हैं। इस खास अवसर पर, Xपीडिशन 72 के क्रू मेंबर्स ने नए साल की शुरुआत करते हुए कुल 16 सूर्योदय और सूर्यास्त देखे। इस बारे में ISS ने अपने आधिकारिक X (पुराने नाम ट्विटर) अकाउंट पर भी जानकारी दी।
ISS पृथ्वी के चारों ओर हर दिन लगभग 16 बार चक्कर लगाता है, और इसकी गति 28,000 किलोमीटर प्रति घंटे होती है। प्रत्येक चक्कर को पूरा करने में करीब 90 मिनट का समय लगता है, जिससे अंतरिक्ष यात्री को दिन में कई सूर्योदय और सूर्यास्त देखने का मौका मिलता है।
इस बार 2024 के समाप्त होते और 2025 के आगमन के दौरान भी, अंतरिक्ष स्टेशन के क्रू ने यह अद्भुत दृश्य देखा, जो न केवल शानदार था बल्कि एक बेहतरीन अनुभव भी था।
अंतरिक्ष में कई महीनों से फंसे सुनीता और बुच विलमोर
सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर जून 2024 से ISS पर मौजूद हैं। हालांकि, उनकी अंतरिक्ष यात्रा एक हफ्ते की थी, लेकिन तकनीकी कारणों से उन्हें ISS पर और अधिक समय बिताना पड़ा। दोनों अंतरिक्ष यात्री फ्लोरिडा के केप कैनावेरल से बोइंग के स्टारलाइनर कैप्सूल में सवार होकर अंतरिक्ष यात्रा पर निकले थे। लेकिन जैसे ही उनका कैप्सूल ISS से जुड़ा, उसमें तकनीकी खराबी आ गई, और NASA ने उसे सुरक्षित वापसी के लिए अनुपयुक्त करार दे दिया।
इसके बाद, इन दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित वापसी के लिए एक SpaceX कैप्सूल का इंतजार करना पड़ा। अब, विशेषज्ञों का अनुमान है कि सुनीता और बुच मार्च 2025 तक पृथ्वी पर वापस लौट सकते हैं।
अंतरिक्ष में बिताए गए इन महीनों का महत्व
इस दौरान, सुनीता और उनके साथी अंतरिक्ष यात्री केवल अपने वैज्ञानिक कार्यों में व्यस्त नहीं थे, बल्कि उन्होंने अंतरिक्ष से धरती के कई शानदार दृश्यों को भी साझा किया। इन महीनों ने ना केवल उनकी साहसिक यात्रा को दर्शाया, बल्कि यह भी साबित किया कि अंतरिक्ष में जीवन कितना कठिन और अविस्मरणीय अनुभव होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त के इन अद्भुत दृश्यों ने अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी से परे भी एक नया दृष्टिकोण दिया।
सुनीता विलियम्स और उनके साथी अंतरिक्ष यात्री बुच विलमोर की यह यात्रा सिर्फ एक अंतरिक्ष यात्रा नहीं, बल्कि यह हमारे ब्रह्मांड और पृथ्वी के प्रति हमारे दृष्टिकोण को बदलने का एक मौका है। इन दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने जो अद्भुत अनुभव किया है, वह पृथ्वी पर बैठे किसी भी व्यक्ति के लिए कल्पना से परे है। उनके द्वारा देखे गए 16 सूर्योदय और सूर्यास्त का दृश्य न केवल शानदार था, बल्कि यह अंतरिक्ष की विशालता और पृथ्वी की सुंदरता को भी प्रदर्शित करता है। यह अनुभव आने वाले समय में अंतरिक्ष यात्रा के महत्व को समझने में मदद करेगा और अंतरिक्ष से जुड़ी नई खोजों और संभावनाओं का द्वार खोलेगा।

