Chaibasa : चैत्र मेला के अंतिम दिन भक्तों ने मां भगवती केरा और पाउड़ी मंदिर में अपनी हठभक्ति दिखाई, हजारों श्रद्धालुओं ने अंगारों पर चल कर और कॉटों पर लेटकर हठभक्ति दिखाई। चक्रधरपुर का ऐतिहासिक चार दिवसीय केरा और पाउड़ी मेला का समापन मंगलवार को हो गया, जिसमें भक्तों ने दहकते अंगारों पर चलकर और कांटों पर लेटकर मां केरा से मन्नतें मांगीं। मन्नत मांगने वालों में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल थे।
ओडिशा व बंगाल से भी आए हैं श्रद्धालु
अंतिम दिन देवी भगवती की आराधना के लिए झारखंड, ओडिशा और बंगाल के काफी श्रद्धालु पहुंचे। अनुमान के मुताबिक लगभग 50 हजार से अधिक लोगों की भीड़ उमड़ी।
हठभक्ति का अनुष्ठान मंगलवार को सुबह 4 बजे ही प्रारंभ हो गया था। इसके बाद कालिका घट की शोभायात्रा निकली। कालिका घट सुबह 6 बजे मंदिर से एक किलोमीटर दूर डहाणीडुबा के लिए निकली। कालिका घट को मंदिर तक लौटने में 11 घंटे का समय लगा। कालिका घट की पूजा अर्चना व बलिदान करने को लेकर हजारों भक्तों का तांता लगा रहा। शोभायात्रा शाम चार बजे केरा मंदिर लौटी। केरा मंदिर में कालिका घट की विशेष पूजा-अर्चना करने के पश्चात भक्तों ने आग पर चलकर व कांटों पर लेटकर हठभक्ति दिखाई।
मां भगवती केरा के दरबार में दर्शन करने पहुंचीं सांसद जोबा माझी
सिंहभूम की सांसद जोबा माझी मंगलवार को प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां भगवती केरा मंदिर पहुंचीं। यहां उन्होंने मां भगवती के दरबार में हाजिरी लगाई और क्षेत्र की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की। सांसद के मंदिर पहुंचने पर केरा मंदिर प्रबंधन समिति और केरा मेला संचालन समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। समिति की ओर से उन्हें मां भगवती की तसवीर भेंट कर सम्मानित किया गया।
मंदिर का मुख्य द्वार बंद होने के कारण सांसद पूजा अर्चना में शामिल नहीं हो सकीं। हालांकि घट के दर्शन की और पुरोहितों से आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने मंदिर प्रबंधन और मेला संचालन समिति के सदस्यों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ऐतिहासिक केरा मेले के सफल आयोजन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर चर्चा की।
Read Also : Chaibasa News : चाईबासा से 26 को ‘नो एंट्री न्याय पदयात्रा’ रवाना होगी रांची, जानें क्या है मकसद

