Home » Wonder Child Born: जमशेदपुर में जन्मा अजूबा बच्चा, जिसे देख डॉक्टर भी हैरान

Wonder Child Born: जमशेदपुर में जन्मा अजूबा बच्चा, जिसे देख डॉक्टर भी हैरान

by Rakesh Pandey
Wonder Child Born
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

हेल्थ डेस्क, जमशेदपुर/Wonder Child Born: जमशेदपुर के सदर अस्पताल में एक अजूबे बच्चे का जन्म हुआ है, जिसे देखकर डॉक्टर भी हैरान हैं। इस दुर्लभ बच्चे का जन्म 11 जून को हुआ था। सरजामदा निवासी सुनीता देवी को प्रसव पीड़ा होने पर 11 जून को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके कुछ ही घंटे के बाद उसका प्रसव हुआ। जब नवजात शिशु रोने लगा, तो देख कर नर्स से लेकर डॉक्टर तक हैरान हो गए।

नवजात के मुंह में दो दांत दिख रहे थे। यह देख नवजात के परिजन भी घबरा गए। उनके मन में कई तरह के सवाल उठने लगे। परिजनों ने कहा-जिंदगी में पहली बार इस तरह का नवजात शिशु देख रहे हैं। डॉक्टर साहब, सबकुछ ठीक-ठाक तो है न। इसके बाद चिकित्सकों ने उनके परिजनों को समझाया। कहा कि यह दुर्लभ जरूर है, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है। सर्जरी कर दांत निकाल दिया जाएगा। इसके बाद कोई परेशानी नहीं होगी। तब परिजनों ने राहत की सांस ली। जन्म के तीन दिन बाद शुक्रवार को बच्चे की दांत निकाली गई। अब बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है।

Wonder Child Born: डॉक्टर ने कहा-मेरी जिंदगी का दूसरा केस

सदर अस्पताल के दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. विमलेश कुमार कहते हैं कि मेरी जिंदगी में दूसरी बार इस तरह का केस सामने आया है। यह

दुर्लभ होता है। बहुत कम बच्चों में देखने को मिलता है। हालांकि, इस दौरान बच्चे का दांत निकाल दिया जाता है, ताकि मां को दूध पिलाने के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं हो। वहीं, जन्मजात दांत कमजोर होते हैं जो आसानी से निकल जाता है। किसी-किसी बच्चे में दो से अधिक दांत भी होते हैं। इस बच्चे को नीचे के मसूड़े में दो दांत थे।

Wonder Child Born: जन्मजात दांत क्या है

डॉ. विमलेश कुमार ने बताया कि जन्मजात दांत वे होते हैं जो बच्चे के जन्म के समय से ही मौजूद रहते हैं। इस दौरान दांत अक्सर पूरी तरह से विकसित नहीं होते हैं और उनकी जड़ कमजोर हो सकती है। जन्मजात दांत दुर्लभ होता है। ये सामान्य दांतों के समान नहीं होते हैं।

Wonder Child Born: अबतक कोई कारण स्पष्ट नहीं हो सका

डॉ. विमलेश कहते हैं कि अब तक जन्मजात दांतों का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका है। यानी अज्ञात है, लेकिन यह परेशानी उन बच्चों में होने की अधिक

संभावना होती है, जिन्हें कुछ स्वास्थ्य समस्या होती है, जो उनके विकास को प्रभावित करती है। इसमें सोटोस सिंड्रोम शामिल है। यह स्थिति एलिस-वैन क्रेवेल्ड सिंड्रोम, पचोनीचिया कान्जेनिटा और हालरमैन-स्ट्रेफ सिंड्रोम से भी जुड़ी हो सकती है। एलिस-वैन क्रेवेल्ड सिंड्रोम एक दुर्लभ आनुवंशिक विकार है जो हड्डियों के विकास को प्रभावित करता है। वहीं, हालरमैन-स्ट्रेफ सिंड्रोम भी एक दुर्लभ विकार है, जिसमें चेहरे और दंत संबंधी असामान्यताएं होती हैं।

 

Read also:- विमान में बेहोश हुई महिला, जीवनरक्षक बन खड़े हुए गोरखपुर एम्स के डॉक्टर

Related Articles