गिरिडीह : उत्तराखंड में चारधाम सड़क परियोजना के तहत यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन साढ़े चार किलोमीटर लंबी सुरंग में भूस्खलन हो गया। सुबह करीब आठ बजे हुई इस दुर्घटना में लगभग 40 मजदूरों के फंस जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों में दो मजदूर गिरिडीह के बिरनी के भी हैं।
मजदूरों के घर में मचा कोहराम
सोमवार सुबह बिरनी गांव प्रमुख रामू बैठा ने घटना के बारे में दोनों मजदूरों के परिवारवालों को जानकारी दी। घटना के बारे में पता चलते ही दोनों मजदूरों के घर में कोहराम मच गया। ये दोनों उत्तराखंड में नेशनल हाइवे सड़क निर्माण कार्य में अन्य मजदूरों के साथ काम कर रहे थे।
सुरंग में फंसे अन्य 38 मजदूर अलग-अलग जगहों के हैं। सड़क निर्माण कर रही कंस्ट्रक्शन कंपनी के कंट्रोलरूम से सूचना मिलने के बाद एसआइ सुनील ने जानकारी गांव के प्रमुख को दी।
दो माह पूर्व काम करने गए थे विश्वजीत व सुबोध
सुरंग में फंसे श्रमिकों में बिरनी के सिमराढाब के बुधन महतो का इकलौता पुत्र 25 वर्षीय सुबोध वर्मा व केशोडीह का निवासी विश्वजीत वर्मा है। ये दोनों एनएचआइ डीसीएल कम्पनी के अंतर्गत काम करने के लिए उत्तरखंड गए थे। दोनों के घर की आर्थिक स्थिति काफी खराब बताई जा रही है।
श्रमिक सुबोध वर्मा का विश्वजीत वर्मा मौसा है। सितंबर माह के पहले सप्ताह में काम करने गया था। वहीं बुधन महतो के पुत्र सुबोध के अलावा एक पुत्री है। पुत्री का विवाह हो चुका है। विश्वजीत और सुबोध दो माह पूर्व काम करने के लिए गए थे।
फिलहाल सकुशल होने की दी गई जानकारी
बताया जा रहा है कि निर्माणाधीन सुरंग में 12 घंटे की शिफ्ट खत्म कर मजदूर दीपावली की छुट्टी मनाने वाले थे। सुबह आठ बजे शिफ्ट खत्म होने से पहले हादसा हो गया। प्रशासन राहत कार्य मे लगा है। दोनों मजदूरों के घरों में गम में डूबे लोगों को उस समय कुछ राहत मिली जब एसआइ सभी लोगों के सकुशल होने की जानकारी दी।
ग्रामीणों को बताया गया कि सुरंग में फंसे लोगों तक प्रशासन की ओर से आक्सीजन व खाना पहुंचाया जा रहा है। सोमवार सुबह करीब चार बजे सूचना मिलते ही गांव के प्रमुख पीड़ित के घर पहुंच गए और परिवार के लोगों को को घटना की जानकारी दी। साथ ही सभी के सकुशल होने की बात कही तो परिवारवालों का रोनाधोना बंद हुआ।
उत्तरकाशी के पुलिस अधीक्षक से परिजनों से कराई गई बात
बिरनी गांव प्रमुख ने उत्तरकाशी की पुलिस अधीक्षक अर्पणा यदुवंशी, मुख्य विकास पदाधिकारी गौरव कुमार व कंट्रोल रूम के एसआइ सुनील से मोबाइल पर बातचीत की। उनसे घटना के बारे में पूरी जानकारी ली। एसपी अर्पणा यदुवंशी ने बताया कि घटना 12 नवंबर सुबह मजदूर कार्य मे लगे हुए थे।
इसी बीच सुरंग का एक हिस्सा बैठ गया। इससे सभी कार्यरत मजदूर व कर्मी फंस गए। राहत बचाव में प्रशासन पूरी तरह लगा है। सभी लोग सकुशल हैं। मजदूरों के साथ किसी भी तरह की कोई अनहोनी घटना नही हुई है।

