चतरा। चतरा जिले की इटखोरी थाना पुलिस की सक्रियता से जैन मंदिर से चोरी हुई 100 साल पुरानी मूर्ति मात्र दे घंटे में ही बरामद कर ली गई। अष्टधातु से बनी इस मूर्ति की कीमत 50 लाख रुपये बताई गई है। यह मूर्ति 24वें तीर्थंकर है। चोरी की घटना शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में गुरुवार को हुई। पुलिस को संदेह है कि इस कांड में अन्य आरोपी भी शामिल हो सकते हैं। इसके पीछे बड़े नेटवर्क की संलिप्तता को लेकर भी पुलिस गहन जांच में जुटी है।
पुलिस ने चोरी की घटना से महज दो घंटे के भीतर ही मामले का पर्दाफाश कर दिया। वहीं चार घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मयूरहंड थाना क्षेत्र के साले गांव निवासी संदीप सिंह के रूप में की गई है।
आरोपी को हिरासत में लेने के बाद उससे कड़ाई से पूछताछ की गई। फिर उसकी निशानदेही पर चोरी गई बहुमूल्य मूर्ति और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद कर ली गई। सूत्रों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में बरामद अष्टधातु की मूर्ति की कीमत लगभग 50 लाख रुपये है।
एसपी अनिमेष नैथानी ने गुरुवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 20 मई को जैन मंदिर से मूर्ति की चोरी होने के बाद इटखोरी थाना में अज्ञात चोरों के विरुद्ध कांड संख्या 65/2026, धारा 305(डी) बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के निर्देशन में इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया था। टीम को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदीप सिंह को दबोच लिया।
कड़ाई से की गई पूछताछ में उसने जैन मंदिर में चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर अष्टधातु की बनी 24 तीर्थंकर की मूर्ति एवं घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद कर ली।
एसपी ने बताया कि आरोपी संदीप सिंह नशे की लत का शिकार है और उसने संध्या आरती के बाद मंदिर में सूनापन देख इस चोरी की घटना को अंजाम दिया था। वह इन बेशकीमती प्रतिमाओं को दिल्ली ले जाकर बेचने की फिराक में था, लेकिन इससे पहले ही वह पुलिस की गिरफ्त में आ गया।
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