चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा पुलिस लाइन में बुधवार को सीआरपीएफ 174 बटालियन के जवानों ने नक्सल विरोधी अभियान के दौरान शहीद हुए खोजी कुत्ते को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पुलिस लाइन परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में सीआरपीएफ और जिला पुलिस के अधिकारी व जवान शामिल हुए।
नक्सल विरोधी ऑपरेशनों में सबसे अहम भूमिका
खोजी कुत्ते नक्सल विरोधी ऑपरेशनों में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में माओवादियों द्वारा लगाए गए IED और लैंडमाइन को सूंघकर ढूंढने में ये दस्ते के सबसे आगे चलते हैं। इसी वजह से ऑपरेशन के दौरान सबसे ज्यादा जोखिम भी इन्हीं को उठाना पड़ता है। कई बार IED ब्लास्ट में खोजी कुत्ते शहीद हो जाते हैं।
खोजी कुत्ते हमारे परिवार का हिस्सा: कमांडेंट
श्रद्धांजलि सभा में सीआरपीएफ 174 बटालियन के कमांडेंट ने कहा कि खोजी कुत्ते हमारे परिवार का हिस्सा हैं। हर ऑपरेशन में ये जवानों की जान बचाते हैं। इनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने बताया कि सारंडा और कोल्हान के दुर्गम इलाकों में चल रहे अभियानों में खोजी कुत्तों की वजह से सैकड़ों जवानों की जान बची है और दर्जनों IED बरामद किए गए हैं।
दी गई सलामी, अर्पित किया गया पुष्प चक्र
इस मौके पर पुलिस लाइन में दो मिनट का मौन रखकर शहीद खोजी कुत्ते को सलामी दी गई। जवानों ने पुष्प चक्र अर्पित कर उनके योगदान को याद किया। अधिकारियों ने कहा कि सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस अपने श्वान दस्ते के हर सदस्य को योद्धा मानती है। इनके साहस और वफादारी के कारण ही कई अभियान सफल हुए हैं। चाईबासा एसपी अमित रेनू ने कहा कि नक्सल मुक्त झारखंड के लक्ष्य में खोजी कुत्तों की भूमिका अतुलनीय है। बल इनके बलिदान को हमेशा सम्मान के साथ याद रखेगा।
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