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Jharkhand Politics: झारखंड में भाजपा का समरसता अभियान लॉन्च, गुरु रविदास की जन्मभूमि की मिट्टी लेकर निकला रथ

जाति, भाषा और धर्म के आधार पर समाज को बांटने की कोशिशों के विरुद्ध भारतीय जनता पार्टी सभी को एकजुट कर काम करने में विश्वास रखती है।

by Kanchan Kumar
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रांची: जाति, भाषा और धर्म के आधार पर समाज को बांटने की कोशिशों के विरुद्ध भारतीय जनता पार्टी सभी को एकजुट कर काम करने में विश्वास रखती है। भाजपा उन सभी महापुरुषों का सम्मान करती है, जिन्होंने धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक और राष्ट्रीय जीवन में योगदान देकर देश की संस्कृति और संस्कारों को समृद्ध किया। इसी सोच के तहत भगवान बिरसा मुंडा, अहिल्याबाई होल्कर, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और गुरु गोविंद सिंह सहित अनेक महान विभूतियों की जयंती को व्यापक स्तर पर मनाया जाता है, ताकि नई पीढ़ी उनके योगदान से परिचित हो सकें।

यह बातें भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम ने कहीं। वे मंगलवार को डिबडीह स्थित कार्निवल बैंक्वेट हॉल में प्रदेश स्तरीय समरसता संकल्प अभियान के तहत कलश वंदन अभियान के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

गुरु रविदास की जन्मभूमि से लाई गई पवित्र मिट्टी

झारखंड में भाजपा ने संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर कलश वंदन अभियान का शुभारंभ किया। अभियान के तहत गुरु रविदास की जन्मभूमि से लाई गई पवित्र मिट्टी से भरे कलश भाजपा के सभी 30 संगठनात्मक जिलों के प्रतिनिधियों को सौंपे गए। इसके बाद सुसज्जित रथ को रवाना किया गया,जो विभिन्न जिलों, मंडलों, शक्ति केंद्रों और गांवों तक पहुंचेगा। कार्यक्रम का शुभारंभ संत गुरु रविदास के चित्र के समक्ष धार्मिक गुरुओं द्वारा मंत्रोच्चार एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष किशुन दास ने की, जबकि मंच संचालन प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने किया। दूसरे चरण के इस अभियान में किशुन दास ने स्वागत भाषण देते हुए इसके उद्देश्य और रूपरेखा पर प्रकाश डाला।

राष्ट्र निर्माण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की पहल

गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संत गुरु रविदास के समता, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का यह अभियान प्रेरणादायी है। इसका उद्देश्य गांव-गांव तक सामाजिक समरसता और जनजागरण का संदेश पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ बिना किसी भेदभाव के 81 करोड़ लोगों को हर महीने मुफ्त राशन उपलब्ध करा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह अभियान किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के सभी वर्गों की सहभागिता का अभियान है। संत रविदास के विचारों पर चलकर ही समरसतापूर्ण, शक्तिशाली और विकसित भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें नई पीढ़ी को दिग्भ्रमित कर समाज और देश को बांटने का प्रयास कर रही हैं, जबकि संत रविदास की वाणी समाज को जोड़ने का संदेश देती है।

जाति से नहीं, कर्मों से होती है व्यक्ति की पहचान

दुष्यंत कुमार गौतम ने संत रविदास के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट श्रद्धा और भक्ति के साथ सामाजिक एकता का संदेश दिया। उनका मानना था कि व्यक्ति की पहचान उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसके कर्मों से होती है। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी संत रविदास अपने सिद्धांतों और आस्था पर अडिग रहे। गौतम ने कहा कि संविधान में जिस सामाजिक समरसता की भावना को स्थान मिला है, उसका संदेश संत रविदास सदियों पहले ही समाज को दे चुके थे।

संसद सत्र में व्यस्त रहने के कारण भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उनका लिखित संदेश कार्यक्रम में पढ़ा गया, जिसमें उन्होंने कार्यकर्ताओं से गुरु रविदास की जन्मभूमि से लाई गई पवित्र मिट्टी वाले कलश को पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ राज्य के सभी जिलों, मंडलों, शक्ति केंद्रों और गांवों तक पहुंचाकर समरसता का संदेश जन-जन तक ले जाने का आह्वान किया।

सर्वे भवन्तु सुखिनः भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र

झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि समरसता संकल्प अभियान को जन-जन का अभियान बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने वाली ताकतों के बीच सभी को सामाजिक एकता को मजबूत करने का दायित्व निभाना होगा। “वसुधैव कुटुम्बकम” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र हैं, जिनमें किसी प्रकार के भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि वर्तमान समय पुनर्जागरण का काल है। भारत की संत परंपरा ने सदियों से समरसता, आध्यात्मिकता और सामाजिक एकता का संदेश दिया है। गुरु रविदास भी ऐसे ही महान संत थे, जिन्होंने समानता,मानवता और सामाजिक सद्भाव का मार्ग दिखाया।

वैचारिक विकृतियों को दूर करने का संदेश

पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास ने समाज में व्याप्त वैचारिक विकृतियों को दूर कर मानव मूल्यों के आधार पर समाज को एकसूत्र में बांधने का संदेश दिया। कलश वंदन अभियान के माध्यम से उनके विचारों को सुदूर गांवों तक पहुंचाकर सामाजिक समरसता को और मजबूत किया जाएगा।

भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि श्रावण मास के पावन अवसर पर गुरु रविदास की जन्मभूमि की पवित्र मिट्टी वाला कलश प्राप्त करना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाकर सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक ले जाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश पदाधिकारी, विभिन्न मोर्चों के प्रतिनिधि, सभी 30 संगठनात्मक जिलों के कार्यकर्ता, धार्मिक गुरु तथा बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अभियान के तहत आगामी दिनों में राज्यभर में कलश यात्राएं, जनसंपर्क अभियान और सामाजिक समरसता पर आधारित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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