
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं में धांधली के आरोपों को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा बयान दिया है। आंदोलनरत युवाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और युवाओं की सभी जायज मांगों को संजीदगी से लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री मंगलवार को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कहा कि सरकार पूरी स्थिति को लेकर गंभीर और संवेदनशील है। किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
सरकार को जांच रिपोर्ट का इंतजार
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच के लिए विशेष टीम लगातार काम कर रही है। सरकार जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि सभी तथ्यों की पुष्टि हो सके। सोरेन ने कहा कि सरकार जल्दबाजी में कदम उठाने के बजाय संवैधानिक दायरों और कानूनी नियमों के तहत निष्पक्ष निर्णय लेगी।
नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, छात्र संगठन भर्ती प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। सीएम के बयान के बाद अब सभी की निगाहें आने वाली जांच रिपोर्ट और उसके बाद उठाए जाने वाले प्रशासनिक कदमों पर टिकी हैं।
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