
रांची : भारत में पिछले 14 वर्षों से पोलियो का एक भी मामला सामने नहीं आया है। जबकि पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों में अभी भी पोलियो के मामले आ रहे हैं। ऐसे में सतर्कता बनाए रखना और प्रत्येक बच्चे का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करना जरूरी है।
उन्होंने इसका श्रेय स्वास्थ्यकर्मियों की निरंतर मेहनत, प्रभावी टीकाकरण अभियान और जनसहभागिता को दिया।
यह बातें रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने कहीं। वे रविवार को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ करने पहुंचे अतिथियों के स्वागत के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे शून्य से पांच वर्ष तक के किसी भी बच्चे को पोलियो की खुराक से वंचित न रहने दें। अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
सदर अस्पताल से रांची नगर निगम की महापौर रोशनी खलखो, विधायक सीपी सिंह और अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की।
भारत को पोलियो मुक्त रहने को टीककरण जरूरी
मुख्य अतिथि महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि भारत ने पोलियो मुक्त राष्ट्र बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, लेकिन इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए नियमित टीकाकरण और जनसहभागिता जरूरी है। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों के समर्पण की सराहना की। कहा कि उनके अथक प्रयासों से ही देश पोलियो मुक्त बन पाया है।
उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल के अलावा गांवों के स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भी बच्चों को पोलियो की खुराक दी जा रही है, ताकि कोई भी बच्चा अभियान से छूट न जाए। उन्होंने सदर अस्पताल में बेहतर होती स्वास्थ्य सेवाओं की भी प्रशंसा की।
सदर अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना
विधायक सीपी सिंह ने कहा कि देश को पोलियो मुक्त बनाने में स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने सदर अस्पताल में लगातार बेहतर हो रही स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना की। कहा कि आज यहां सभी वर्गों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने अस्पताल को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सभी के सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. विजय किशोर रजक ने कहा कि पड़ोसी देशों में अब भी पोलियो के मामले मिलने के कारण सतर्कता और नियमित टीकाकरण आज भी उतना ही आवश्यक है जितना पहले था।
1995 से चलाया जा रहा पल्स पोलियो अभियान
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि वर्ष 1995 से देशभर में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष झारखंड में लगभग 61 लाख से अधिक बच्चों को 24,507 बूथों पर पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि 28 जून को बूथ दिवस के रूप में अभियान चलाया जा रहा है, जबकि 29 और 30 जून को स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगे जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह ने अभिभावकों से अपील की कि वे 28 से 30 जून तक चलने वाले राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के दौरान अपने शून्य से पांच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं और पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को और मजबूत बनाएं।
खूंटी में उपायुक्त ने अभियान का किया शुभारंभ ㅤ
खूंटी उपायुक्त मो जावेद हुसैन ने रविवार को सदर अस्पताल, खूंटी से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का विधिवत शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोलियोरोधी खुराक पहुंचाना आवश्यक है।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि जिले का कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।
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