
चक्रधरपुर : दक्षिण पूर्व रेलवे चक्रधरपुर रेल मंडल में गुरुवार को लगातार हो रही तेज बारिश ने हावड़ा-मुंबई मुख्य मार्ग की ट्रेन व्यवस्था को प्रभावित कर दिया। राउरकेला-पानपोश के बीच पटरी के नीचे से मिट्टी बह जाने के कारण ट्रैक धंस गया। साथ ही कई जगह भू-स्खलन और पानी भराव की स्थिति बन गई, जिससे सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ लाइनों पर ट्रेनें रोकनी पड़ीं।
कहां-कहां प्रभावित हुआ परिचालन
रेलवे के अनुसार राउरकेला और पानपोश के बीच किमी 415/19-24 पर बारिश के कारण नीचे की मिट्टी बह गई। इसे देखते हुए सुबह 9:15 बजे से राउरकेला-पानपोश अप लाइन पर ट्रेनों का आवागमन रोक दिया गया। इसके बाद 9:50 बजे से पानपोश-कालूंगा तीसरी लाइन भी बंद कर दी गई। राउरकेला यार्ड में 10:20 बजे जलभराव की सूचना मिली। वहीं पानपोश-कालूंगा सेक्शन किमी 418/11-13 पर भू-स्खलन की खबर के बाद 10:40 बजे से पानपोश-राउरकेला अप लाइन पर भी परिचालन ठप कर दिया गया।राहत की बात रही कि कालूंगा-पानपोश-राउरकेला डाउन लाइन पर ट्रेनें चलती रहीं।
तीसरी लाइन पर 30 किमी की रफ्तार से बहाल हुई सेवा
तकनीकी टीम की जांच के बाद पानपोश-कालूंगा तीसरी लाइन को सुबह 11:20 बजे चलने लायक घोषित किया गया। 11:25 बजे मेमो जारी होते ही इस रूट पर 30 किमी प्रति घंटे की गति से ट्रेनें चलाई गईं। राउरकेला से अप दिशा में पहली ट्रेन बिलासपुर-राउरकेला थी, जो 11:47 बजे रवाना हुई।
कई ट्रेनें घंटों रुकीं
ट्रैक धंसने और भू-स्खलन का असर प्रमुख ट्रेनों पर पड़ा।
– 18477 पुरी-ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस बिसरा में 9:37 से 11:20 तक रुकी
– 18109 टाटा-इतवारी एक्सप्रेस* गोईलकेरा में 10:16 से 11:20तक नियंत्रित रही
– 12222 हावड़ा-पुणे दुरंतो चक्रधरपुर में 10:42 से 11:00 तक रोकी गई
– 08184 राउरकेला-रांची परीक्षा स्पेशल नुआगांव में 10:30 से रुकी
– 15028 गोरखपुर-संबलपुर मौर्य एक्सप्रेस बांगुरकेला में 9:52 से प्रभावित
– 22861 हावड़ा-टिटलागढ़ इस्पात एक्सप्रेस हावड़ा से करीब 5 घंटे देरी से चली
राहत ट्रेन तैयार, सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
स्थिति को देखते हुए रेलवे ने बंडामुंडा से मानसून स्पेशल राहत ट्रेन तैयार रखी। तकनीकी टीमें पूरे प्रभावित क्षेत्र में निगरानी और मरम्मत में जुटी रहीं। डाउन लाइन और तीसरी लाइन पर सीमित गति से परिचालन शुरू किया गया, जबकि अप लाइन पर मरम्मत जारी है। लगातार बारिश में ट्रैक वॉशआउट और भू-स्खलन की घटनाओं ने मानसून पूर्व तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हावड़ा-मुंबई जैसे व्यस्त रूट पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रेल प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है।
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