
रांची: झारखंड सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के उप समाहर्ता पद पर नियुक्ति के लिए झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) से अनुशंसित दो अभ्यर्थियों की नियुक्ति रद्द कर दी है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने दोनों मामलों में अधिसूचना जारी की है। इनमें अनुसूचित जाति कोटि के तहत अनुशंसित सुनील दास और अनारक्षित कोटि के श्री आर्यन (अनुक्रमांक-23263322) शामिल हैं।
सरकार के अनुसार, दोनों अभ्यर्थियों के शैक्षणिक, जाति, आवासीय समेत अन्य मूल प्रमाण पत्रों का नियुक्ति से पहले सत्यापन किया जाना था। इसके लिए विभाग की ओर से निर्धारित तिथियों पर उपस्थित होने का अवसर दिया गया था, लेकिन दोनों प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए उपस्थित नहीं हुए।
सुनील दास के मामले में विभाग ने कई बार अवसर दिए। बाद में उन्होंने विभाग को दिए आवेदन में बताया कि वह रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार में उप निदेशक, एएफएच्य़ू के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने तकनीकी इस्तीफा देने के लिए समय की जरूरत बताते हुए नियुक्ति के लिए छह माह का अतिरिक्त समय मांगा था। विभाग ने उनके अनुरोध पर विचार करते हुए प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए एक और अंतिम अवसर दिया, लेकिन वह इस अवसर पर भी उपस्थित नहीं हुए।
वहीं, आर्यन को भी प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए निर्धारित तिथियों पर उपस्थित होना था। उनके अनुपस्थित रहने पर विभाग ने अंतिम अवसर देते हुए दोबारा सत्यापन के लिए बुलाया, लेकिन वह भी मूल प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए उपस्थित नहीं हुए और इस संबंध में विभाग को कोई सूचना नहीं दी।
कार्मिक विभाग के अनुसार, झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा नियमावली, 2021 के तहत प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद नियुक्ति पत्र जारी होने की तिथि से योगदान के लिए अधिकतम तीन माह का समय दिया जा सकता है। दोनों अभ्यर्थियों को अतिरिक्त अवसर दिए जाने के बावजूद प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए उपस्थित नहीं होने को देखते हुए सरकार ने जेपीएससी की ओर से उप समाहर्ता पद पर की गई उनकी अनुशंसा के आधार पर होने वाली नियुक्ति रद्द करने का निर्णय लिया है।


