रांची : झारखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसके तहत राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में फुली ऑटोमेटिक पैथोलॉजी मशीनें स्थापित करने का निर्देश विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने दिया है। इससे मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी। एक साथ 50 सैंपल की जांच की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में इन मशीनों को मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में स्थापित किया जाएगा। दूसरे चरण में राज्य के सभी सीएचसी और पीएचसी स्तर तक इसका विस्तार किया जाएगा। सचिव नेपाल हाउस स्थित अपने कार्यालय कक्ष में बुधवार को पैथोलॉजी जांच करने के लिए मशीन बनाने वाली मेरिल कंपनी के साथ बैठक में बोल रहे थे। इस दौरान कंपनी ने मशीन का प्रेजेंटेशन भी दिया।
एक साथ 50 सैंपल की होगी जांच
सचिव ने कहा कि 15 जून तक सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में मशीनों की स्थापना हो जाएगी। प्रेजेंटेशन के दौरान मेरिल कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि राज्य के अस्पतालों में पूर्व से लगी सेमी ऑटोमेटिक पैथोलॉजिकल मशीनों को बदलकर नई फुली ऑटोमेटिक मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। इन मशीनों की विशेषता यह होगी कि एक साथ 50 सैंपलों की जांच की जा सकेगी। इससे लोगों को जांच रिपोर्ट लेने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
कंपनी की ओर से मशीनों पर 10 वर्षों तक मेंटेनेंस सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। नई मशीनों के माध्यम से यूरिन और ब्लड से संबंधित लगभग सभी पैथोलॉजिकल जांचें की जा सकेंगी। मशीन से प्राप्त जांच रिपोर्ट सीधे मरीज के मोबाइल पर व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी जा सकेगी। कंपनी संबंधित मैनपावर को प्रशिक्षण देने के साथ सॉफ्टवेयर संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभाएगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव के साथ अवर सचिव धीरंजन शर्मा, मेरिल कंपनी के पदाधिकारी और सी कैड के प्रतिनिधि मौजूद थे।

