
हजारीबाग : बेटी के अपने फैसले पर अड़ने और परिवार की बात न मानने से दुखी एक पिता ने बेहद कठोर कदम उठाया है। परिजनों की तमाम समझाइश के बावजूद जब लड़की अपने प्रेमी का साथ छोड़ने को राजी नहीं हुई, तो पिता ने उसे जीते-जी मृत मानकर श्मशान घाट में उसका विधिवत श्राद्ध और पिंडदान कर दिया।
मामला चौपारण इलाके का है। परिजनों के मुताबिक,18 साल की युवती करीब एक महीने पहले अचानक घर से लापता हो गई थी। छानबीन करने पर पता चला कि वह गांव के ही युवक पवन साव के साथ गई है। पिता की शिकायत के बाद हरकत में आई चौपारण पुलिस ने दोनों को आंध्र प्रदेश से तलाश निकाला और थाने ले आई।
थाने में चला हाई-वोल्टेज ड्रामा
थाने में पिता,भाई और चाचा ने लड़की को बहुत समझाया। घर लौटने की मिन्नतें कीं, लेकिन युवती प्रेमी के साथ ही जीने-मरने की बात पर अड़ी रही। बेटी की जिद्द से आहत होकर परिवार ने उससे सारे रिश्ते नाते हमेशा के लिए खत्म करने का फैसला कर लिया।
श्मशान घाट पहुंचकर पूरी की रस्म
पिता, भाई और चाचा पाण्डेयबारा स्थित श्मशान घाट पहुंचे। वहां तीनों ने अपना मुंडन कराया। श्मशान में बेटी की तस्वीर रखकर हिंदू रीति-रिवाज से श्राद्धकर्म और पिंडदान किया। जिस बेटी ने परिवार की मर्यादा और भावनाओं की कद्र नहीं की, वह अब हमारे लिए मर चुकी है।
इलाके में चर्चा का विषय बनी घटना
जीते-जी बेटी का पिंड दान करने की यह खबर अब पूरे जिले में आग की तरह फैल चुकी है। लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे परिवार का भावनात्मक गुस्सा मान रहे हैं, तो कुछ इसे आज के दौर में पीढ़ीगत सोच के टकराव और टूटते रिश्तों की बानगी के रूप में देख रहे हैं।
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