
रांची : केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कथित झारखंड विरोधी विधेयक को लेकर राज्य का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। इससे उपजे सियासी हालातों पर सीधी रणनीति बनाने के लिए सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने एक बड़ी आपात बैठक बुलाई है। आगामी 20 अगस्त को रांची के सोहराई भवन में झामुमो केंद्रीय समिति के बैनर तले यह अहम मंथन होगा।
बैठक का सबसे बड़ा एजेंडा केंद्र के इस विधेयक के खिलाफ मोर्चा खोलना और राज्य में बने ताजा राजनीतिक हालात पर आगे की राह तय करना है। बैठक में केंद्र सरकार के विधेयक से पैदा हुए सियासी संकट और झामुमो के अगले रुख पर विस्तार से चर्चा होगी।
बूथ लेवल से लेकर जिला स्तर तक संगठन को फिर से चुस्त-दुरुस्त करने और पुनर्गठन की रिपोर्ट पर समीक्षा की जाएगी। आने वाले चुनावों और सियासी चुनौतियों को देखते हुए पार्टी को गांव-गांव तक और ज्यादा मजबूत करने का खाका तैयार होगा।
दिग्गजों का लगेगा जमावड़ा
सुबह 10:30 बजे शुरू होने वाली इस बैठक में पार्टी के बड़े नेताओं से लेकर जमीनी कार्यकर्ता शामिल होंगे। झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने नोटिस जारी कर सभी केंद्रीय पदाधिकारियों, सदस्यों, जिलाध्यक्षों, सचिवों, संयोजकों और महानगर अध्यक्षों को अनिवार्य रूप से मौजूद रहने का निर्देश दिया है।
यह बैठक सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं है,बल्कि राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करने और संगठन में नया जोश भरने के लिए बुलाई गई एक निर्णायक रणनीति सभा है।
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