
रांची : झारखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में राज्य की खुली सुधारात्मक संस्थाओं (ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशंस/ओसीआई) के प्रभावी संचालन, विस्तार और निगरानी के लिए राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है।
यह कमेटी सुप्रीम कोर्ट द्वारा 26 फरवरी 2026 को सुहास चकमा बनाम भारत संघ एवं अन्य मामले में दिए गए निर्णय के अनुपालन में गठित की गई है। कमेटी के अध्यक्ष झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के अध्यक्ष या उनके नामित सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश होंगे। कमेटी में गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव तथा कारा एवं सुधार सेवा निरीक्षणालय के महानिरीक्षक सदस्य होंगे।
अधिसूचना के अनुसार कमेटी का दायित्व सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना, खुली जेलों के उपयोग, संचालन और विस्तार की निगरानी करना, पात्र बंदियों की बंद जेलों से खुली जेलों में समय पर स्थानांतरण की प्रक्रिया को सुगम बनाना तथा समय-समय पर प्रगति की समीक्षा कर क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करना होगा। विभाग का मानना है कि इस पहल से झारखंड में खुली जेल व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा और पात्र बंदियों के पुनर्वास एवं सुधार की प्रक्रिया को गति मिलेगी। यहां बता दें कि झारखंड में एकमात्र ओपेन जेल हजारीबाग में है।

