
धनबाद : लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने धनबाद-गया रेल रूट पर सफर करने वाले यात्रियों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। सोमवार की देर रात गोमो और गया के बीच पहाड़ी इलाके नाथगंज और बसकटवा हाल्ट के पास टनल नंबर-1 में अचानक बड़ा लैंडस्लाइड हो गया। पहाड़ का भारी-भरकम मलबा सीधे रेल पटरी पर आ गिरा, जिससे अप-लाइन पर ट्रेनों का पहिया पूरी तरह थम गया।
घटना की खबर मिलते ही रेलवे की राहत टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद मलबे को हटाया। रात करीब 3 बजे पटरियों को किसी तरह साफ कर ट्रेनों की आवाजाही तो शुरू करा दी गई, लेकिन इस एक लैंडस्लाइड की वजह से फैला रायता दूसरे दिन यानी मंगलवार को भी पूरी तरह नहीं सिमट सका।
दूसरे दिन ऐसा रहा असर
पहाड़ खिसकने का सबसे बड़ा झटका मंगलवार को उन यात्रियों को लगा जो गंगा-दामोदर, रांची-आरा और दुमका एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में सफर कर रहे थे। एक ट्रेन के लेट होने से पूरे रूट का शेड्यूल बिगड़ गया।
कोडरमा के पास करीब डेढ़ घंटे फंसे रहने की वजह से गंगा-दामोदर एक्सप्रेस पौने तीन घंटे की देरी से पटना पहुंची। क्योंकि यही ट्रेन दुमका के लिए भी इस्तेमाल होती है, इसलिए दुमका-पटना एक्सप्रेस का शेड्यूल भी बिगड़ गया। मंगलवार की रात पटना से खुलने वाली गंगा-दामोदर एक्सप्रेस अपने तय समय रात 11:20 की जगह 1:20 पर रवाना हुई।
रांची-आरा एक्सप्रेस की फजीहत: यह ट्रेन 4 घंटे से भी ज्यादा लेट हो गई। वापसी में आरा-रांची एक्सप्रेस मंगलवार को करीब पौने चार घंटे की देरी से गोमो पहुंची और देर रात रांची पहुंच पाई।
रेलवे ने भले ही मंगलवार तड़के 3 बजे ट्रैक चालू कर दिया हो, लेकिन रैकों के समय पर न पहुंचने की वजह से मंगलवार को दिन भर यात्री स्टेशनों पर परेशान होते रहे। इसका असर बुधवार को आने वाली ट्रेनों पर भी पड़ना तय है।
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