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Jamshedpur News: इंतजार खत्म, पूर्वी सिंहभूम की आंगनबाड़ियों में 97 पदों पर अब जल्द होगी भर्ती

फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) में धालभूमगढ़, बहरागोड़ा और पटमदा प्रखंड का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं मिलने पर उपायुक्त ने संबंधित सीडीपीओ का वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया।

by Mujtaba Haider Rizvi
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Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन ने समाज कल्याण विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आंगनबाड़ी सेवाओं, पोषण कार्यक्रमों और विभिन्न विकास कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि जिले में रिक्त पड़े आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जून माह के अंतिम सप्ताह तक पूरी कर ली जाए।

बैठक में बताया गया कि जिले में 42 आंगनबाड़ी सेविका और 55 सहायिका पद रिक्त हैं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आमसभा आयोजित कर नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया। वहीं निर्माणाधीन 17 आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा करते हुए सभी कार्यकारी एजेंसियों को जुलाई माह के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने को कहा।

उपायुक्त ने नव नियुक्त महिला पर्यवेक्षिकाओं को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को लंबित शौचालय निर्माण और नल-जल योजनाओं का कार्य जून माह के भीतर पूरा करने को कहा। साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सूची जिला कार्यालय और विद्युत विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

बैठक में जियो-टैग फोटो सर्वेक्षण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सर्वेक्षण कार्य में तेजी लाने तथा पोषण गतिविधियों के लिए खाली सरकारी भवनों की पहचान करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का प्रतिदिन शत-प्रतिशत संचालन सुनिश्चित करने और पोषण ट्रैकर पर समयबद्ध प्रविष्टि करने पर जोर दिया।

फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) में धालभूमगढ़, बहरागोड़ा और पटमदा प्रखंड का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं मिलने पर उपायुक्त ने संबंधित सीडीपीओ का वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया। साथ ही आगामी 15 दिनों के भीतर सभी प्रखंडों को 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने को कहा गया।

कुपोषण उपचार केंद्रों (एमटीसी) में शत-प्रतिशत ऑक्यूपेंसी सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उपायुक्त ने कहा कि कुपोषित बच्चों की पहचान और उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा के दौरान कई प्रखंडों में कम उपलब्धि पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने सभी पात्र लाभुकों को योजना का लाभ देने और लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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