पटनाः बिहार में आगामी विधानसभा उपचुनावों के लिए राजनीतिक तापमान इस वक्त चरम पर है। 13 नवंबर को होने वाले इन उपचुनावों को 2025 के विधानसभा चुनावों के लिए सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है। हर पार्टी इस चुनाव को अपनी आगामी रणनीति को मजबूत करने का अवसर मान रही है, और ऐसे में महागठबंधन और एनडीए दोनों ही अपनी पूरी ताकत झोंकने के लिए तैयार हैं।
इस उपचुनाव के संदर्भ में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एक बार फिर अपने दमदार और आक्रामक अंदाज में चुनावी मैदान में उतरने का संकेत दिया है। तेजस्वी ने महागठबंधन के लिए ‘लालू सेना’ तैयार करने की बात की और भाजपा तथा केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। बेलागंज स्थित पड़ाव मैदान में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने न सिर्फ भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोला, बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके गठबंधन पर भी तीखे सवाल उठाए।
तेजस्वी यादव का ‘लालू सेना’ का ऐलान
तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में कहा कि आगामी उपचुनाव के लिए राजद पूरी तरह से तैयार है और ‘लालू सेना’ मैदान में उतरी है। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “ED-CBI से डरते हो, लेकिन अगर लालू यादव को डराने में आप सफल नहीं हो सके, तो उनका बेटा कैसे डर सकता है?” तेजस्वी ने दावा किया कि लालू यादव ने भाजपा के खिलाफ अपनी पूरी ताकत झोंकी थी और अगर जरूरत पड़ी, तो वह भी उसी रास्ते पर चलेंगे।
तेजस्वी ने यह भी कहा कि राजद और लालू यादव के लिए यह सिर्फ एक चुनाव नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का सवाल है। उन्होंने यह भी कहा कि “लालटेन” चुनाव चिन्ह सिर्फ राजद का प्रतीक नहीं, बल्कि यह संविधान और देश की तरक्की का प्रतीक है।
बिहार के विकास पर जोर
तेजस्वी ने यह भी बताया कि बिहार के लोग, विशेषकर युवाओं को रोजगार, गरीबी, महंगाई जैसे असली मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “हम लोग काम करने वाले लोग हैं, असली दुश्मन बेरोजगारी, गरीबी और महंगाई है। अगर हम इन मुद्दों पर ध्यान देंगे, तो बिहार की स्थिति में सुधार हो सकता है।” तेजस्वी का कहना था कि महागठबंधन सिर्फ सत्ता के लिए नहीं, बल्कि बिहार और देश की तरक्की के लिए एकजुट हो रहा है।
नीतीश कुमार पर हमला
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा, “भाजपा को दूर भगाने के लिए नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया था, लेकिन अब वे खुद ही भाजपा के साथ मिलकर सत्ता में बने हुए हैं। नीतीश कुमार ने भाजपा के खिलाफ जंग लड़ने का वादा किया था, लेकिन अब उनका रवैया पूरी तरह से बदल चुका है।”
तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि नीतीश कुमार भाजपा के प्रभाव में आ गए हैं और अब उनके नेतृत्व में बिहार का विकास नहीं हो सकता। तेजस्वी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि पार्टी “साजिशें” करने में माहिर है और कभी भी सामने आकर लड़ने की बजाय, वे गंदी राजनीति का सहारा लेते हैं।
तेजस्वी ने दिया गारंटी
तेजस्वी ने यह गारंटी दी कि वह खुद से गया के बेला क्षेत्र में कार्य करेंगे और वहां के लोगों को कोई दिक्कत नहीं होने देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि गया जिले में दस विधानसभा सीटों में से राजद को जीत दिलाने की पूरी कोशिश करेंगे। इसके अलावा, उन्होंने बेलागंज विधानसभा सीट पर राजद के उम्मीदवार विश्वनाथ कुमार सिंह को जीताने की अपील भी की।
तेजस्वी ने कहा कि वे कभी भी अपने लोगों के साथ कोई धोखाधड़ी या हस्तक्षेप नहीं होने देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र से आए मंत्री बिहार में तंग करने, धमकियां देने और समाज को बांटने का काम कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव का बेलागंज में दिया गया यह भाषण बिहार के आगामी उपचुनावों की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है। उनका आक्रामक अंदाज और केंद्र सरकार के खिलाफ सीधी चुनौती भाजपा और नीतीश कुमार के लिए बड़ा संदेश देने का काम करेगा। बिहार में 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले यह उपचुनाव महागठबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण मौका हो सकता है, जहां तेजस्वी यादव अपनी ताकत का प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।
तेजस्वी का कहना है कि अगर बिहार में बदलाव लाना है, तो पूरी तरह से एकजुट होकर काम करना होगा, और इसके लिए उनका नेतृत्व तैयार है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राजद की यह रणनीति कितना रंग लाती है और बिहार की राजनीति में क्या नया मोड़ आता है।

